
रायपुर। महादेव बेटिंग एप मामले में भारत की जांच एजेंसियों को बड़ी कामयाबी मिली है। ऐप का संचालन करने वाले सौरभ चंद्राकर को इंटरपोल के अधिकारियों ने दुबई से गिरफ्तार कर लिया है। प्रवर्तन निदेशालय के आग्रह पर इंटरपोल ने उसके खिलाफ रेड कॉर्नर नोटिस जारी किया था। 7 दिन के अंदर भारत लाया जा सकता है। सौरभ चंद्राकर को भारत और फिर जल्द ही रायपुर लाने की तैयारी की जा रही है।
कौन है सौरभ चंद्राकर
सौरभ चंद्राकर छत्तीसगढ़ के भिलाई का रहने वाला है, उसके पिता नगर निगम में पंप ऑपरेटर थे। सौरभ की जूस की दुकान भी थी। 2019 में वह दुबई गया और अपने एक दोस्त रवि उप्पल को भी बुला लिया। इसके बाद उसने महादेव ऐप लॉन्च किया और फिर धीरे-धीरे ऑनलाइन सट्टेबाजी बाजार में बड़ा नाम बन गया।
D कंपनी से भी कनेक्शन
महादेव ऐप के मास्टरमाइंड सौरभ चंद्राकर का D कंपनी (दाऊद इब्राहिम) से भी कनेक्शन है। देश के कई राज्यों में महादेव ऐप के खिलाफ केस दर्ज है। ऐप को लेकर ED में भी शिकायत दर्ज की गई है। इससे पहले दिसंबर 2023 को भी सौरभ चंद्राकर को दुबई में हिरासत में लेने के बाद ‘घर में नजरबंद’ किया गया था।
क्या है महादेव बेटिंग ऐप ?
महादेव बेटिंग ऐप केस एक हाई-प्रोफाइल घोटाला है, जिसमें एक ऑनलाइन सट्टेबाजी प्लेटफॉर्म शामिल है। इस प्लेटफॉर्म के जरिए क्रिकेट, पोकर, कार्ड गेम, बैडमिंटन, टेनिस, फुटबॉल और यहां तक की चुनावों में भी अवैध तरीके से सट्टा लगाया जाता है। अवैध सट्टे के नेटवर्क के जरिये ऐप का जाल तेजी से फैला और सबसे ज्यादा खाते छत्तीसगढ़ में खुले। इस ऐप से धोखाधड़ी के लिए एक पूरा खाका बनाया गया था।
फ्रेंचाइजी के रूप में चलाता है ऐप
महादेव बेटिंग ऐप कई ब्रांच से चलाया जाता है। हर ब्रांच के दो मुख्य प्रमोटर हैं। सौरभ चंद्राकर और रवि उप्पल। दोनों फ्रेंचाइजी के रूप में आईडी बेचते थे। यूजर को शुरुआत में खूब फायदा मिलता है, लेकिन बाद में बड़ा नुकसान झेलना पड़ता है। फायदे का 80% हिस्सा दोनों अपने पास रखते थे। इसे ऐसे बनाया गया था कि सिर्फ 30 फीसदी यूजर्स जीतते, बाकी सब हार जाते हैं।
क्या है पूरा मामला?
छत्तीसगढ़ के रायपुर में मनी लॉन्ड्रिंग रोकथाम अधिनियम (पीएमएलए) की एक विशेष अदालत के समक्ष एक केस चल रहा है। इस केस के आधार पर ही महादेव बेटिंग ऐप के प्रमोटर सौरभ चंद्राकर के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग की जांच चल रही है। जांच का जिम्मा देश की केंद्रीय जांच एजेंसियों को दिया गया है। जांच एजेंसी के अनुसार, सौरभ चंद्राकर और रवि उप्पल दोनों प्रमोटर यूएई में बनाए गए अपने ऑफिस के जरिए महादेव बेटिंग ऐप को भारत में ऑपरेट करते थे।
दोनों ने इस ऐप के जरिए मनी लॉन्ड्रिंग और हवाला का लेनदेन किया है। इस केस में कम से कम 6000 करोड़ रुपए का घोटाला सामने आया है। रवि उप्पल को दिसंबर की शुरुआत में अरेस्ट कर लिया गया था।
200 करोड़ की शादी के बाद आए ईडी के रडार पर
फरवरी 2023 में, सौरभ ने यूएई में शादी की। इस आलीशान शादी में महादेव एप के प्रमोटर्स ने 200 करोड़ रुपए खर्च कर दिए। इस शादी में प्राइवेट जेट से मशहूर हस्तियों को बुलाया गया। इतना ही नहीं शादी के लिए मुंबई से वेडिंग प्लानर, डांसर, डेकोरेटर भी बुलाए गए। इसके बाद ईडी ने योगेश पोपट और मिथिलेश समेत कई अन्य प्रमोटर्स के ठिकानों पर छापा मारकर 112 करोड़ रुपए की हवाला राशि के सबूत इकट्ठे किए थे।
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