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डॉ. हरिसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय में CUET से दाखिले का विरोध, गौर यूथ फोरम ने मेरिट के आधार पर प्रवेश देने की मांग उठाई

सागर. डॉ. हरिसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय में स्नातक (UG) और स्नातकोत्तर (PG) पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए अपनाई जा रही प्रक्रिया का गौर यूथ फोरम ने विरोध किया है। फोरम ने मांग की है कि विश्वविद्यालय में प्रवेश प्रक्रिया को कॉमन यूनिवर्सिटी एंट्रेंस टेस्ट (CUET) के दायरे से बाहर लाकर पूर्व की तरह मेरिट के आधार पर या विश्वविद्यालय की अपनी प्रवेश परीक्षा के माध्यम से दाखिले दिए जाएं।
डॉ. हरिसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय में CUET से दाखिले का विरोध

सागर। फोरम का कहना है कि जटिल प्रवेश प्रक्रिया के कारण विद्यार्थियों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। पांच चरणों की काउंसलिंग के बाद भी सीटें खाली रहना व्यवस्था की समीक्षा की जरूरत को दर्शाता है। गौर यूथ फोरम के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. विवेक तिवारी ने कहा कि सागर सहित बुंदेलखंड का बड़ा क्षेत्र शैक्षणिक और तकनीकी संसाधनों की सीमाओं से जूझ रहा है। 

प्रवेश की वजह से विद्यार्थियों को होती है परेशानी

ऐसे में ऑनलाइन आवेदन और प्रवेश की जटिलताओं के कारण अनेक विद्यार्थियों को परेशानी होती है। कंप्यूटर संबंधी जानकारी के अभाव में आवेदन भरते समय गलतियां हो जाती हैं, जिससे विद्यार्थियों के प्रवेश के अवसर प्रभावित होते हैं। CUET के माध्यम से दाखिले की प्रक्रिया में आ रही कठिनाइयों के चलते विद्यार्थियों का समय और पैसा दोनों खर्च हो रहे हैं।

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5 काउंसलिंग के बाद भी सीटें खाली

फोरम ने सवाल उठाया कि जब प्रवेश के लिए पांच बार काउंसलिंग की जा चुकी है, तब भी सीटें खाली क्यों रह गईं? विश्वविद्यालय प्रशासन को इसकी वजहों का पता लगाकर प्रवेश प्रक्रिया को सरल बनाने की दिशा में कदम उठाने चाहिए। प्रवेश सत्र जारी रहने के बीच दाखिले की प्रक्रिया में आ रही समस्याओं का समाधान करना जरूरी है, ताकि योग्य विद्यार्थियों को अवसर मिल सके और उपलब्ध सीटों का समुचित उपयोग हो।


शिक्षा मंत्री को भेजेंगे ज्ञापन

डॉ. तिवारी ने कहा कि CUET के स्थान पर विश्वविद्यालय को पूर्व की तरह अपनी प्रवेश परीक्षा आयोजित करने और सीधे मेरिट के आधार पर दाखिले देने की व्यवस्था अपनानी चाहिए। इससे मध्यप्रदेश के विद्यार्थियों को विश्वविद्यालय में प्रवेश के बेहतर अवसर मिलेंगे और प्रक्रिया भी अधिक सुगम हो सकेगी। इस संबंध में केंद्रीय शिक्षा मंत्री को ज्ञापन भेजने के साथ विश्वविद्यालय प्रशासन के समक्ष भी मांग रखी जाएगी।

छात्रावास आवंटन में भी मेरिट को प्राथमिकता देने की मांग

गौर यूथ फोरम ने छात्रावासों में प्रवेश के लिए दूरी की अनिवार्यता समाप्त कर मेरिट के आधार पर आवंटन करने की मांग भी उठाई है। फोरम की विश्वविद्यालय इकाई जल्द ही प्रशासन से मुलाकात कर प्रवेश प्रक्रिया और छात्रावास आवंटन से जुड़ी समस्याओं को उठाएगी। फोरम का कहना है कि विश्वविद्यालय प्रशासन को विद्यार्थियों की कठिनाइयों को ध्यान में रखते हुए ऐसी व्यवस्था बनानी चाहिए, जिससे प्रवेश प्रक्रिया पारदर्शी, सरल और विद्यार्थियों के हित में हो। 

अनिल दुबे
By अनिल दुबे

लेखक के बारे में अनिल दुबे पिछले 25 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हूं। डॉ सर हरीसिंह गौर केंदीय ...

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