स्कूल शिक्षा विभाग में 20 हजार पदों पर होगी भर्ती, सीएम मोहन यादव ने 950 आश्रितों को सौंपे अनुकंपा नियुक्ति पत्र

भोपाल। मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम में करीब 950 लोगों को अनुकंपा नियुक्ति के आदेश सौंपे, जिनमें सहायक ग्रेड-3, प्राथमिक शिक्षक और चतुर्थ श्रेणी के कर्मचारी शामिल हैं। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार अब तक 85 हजार नियुक्तियां कर चुकी है। स्कूल शिक्षा विभाग में प्रस्तावित नई भर्ती की तारीख, पदों का विवरण और चयन प्रक्रिया की जानकारी अभी सामने नहीं आई है। सरकार का जोर स्कूलों में सुविधाएं बढ़ाने, शैक्षणिक माहौल बेहतर बनाने और विद्यार्थियों को बेहतर शिक्षा उपलब्ध कराने पर है।
स्कूल शिक्षा विभाग में 20 हजार पदों पर होगी भर्ती
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश सरकार शिक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए लगातार काम कर रही है। राज्य सरकार अब तक 85 हजार नियुक्तियां कर चुकी है और आने वाले समय में स्कूल शिक्षा विभाग में 20 हजार पदों पर और भर्ती की जाएगी। हालांकि, इन पदों पर भर्ती कब शुरू होगी, किन पदों पर कितनी नियुक्तियां की जाएंगी और चयन प्रक्रिया क्या रहेगी, इस बारे में अभी कोई जानकारी नहीं दी गई है।
प्रदेश में खुलेंगे 200 नए सांदीपनि विद्यालय
मुख्यमंत्री ने बताया कि मध्यप्रदेश में फिलहाल 369 सांदीपनि विद्यालय संचालित हो रहे हैं। अब प्रदेश में 200 नए सांदीपनि विद्यालय खोलने की पहल की जा रही है। इसके साथ ही जनजातीय क्षेत्रों में 200 नए विद्यालय भवन बनाने की भी घोषणा की गई है। इन योजनाओं का उद्देश्य स्कूलों की संख्या बढ़ाना, विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक सुविधाएं उपलब्ध कराना और शिक्षा के स्तर में सुधार करना है।
करीब 950 लोगों को मिले अनुकंपा नियुक्ति के आदेश
भोपाल के रवींद्र भवन में आयोजित कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने करीब 950 लोगों को अनुकंपा नियुक्ति के आदेश सौंपे। इनमें 661 सहायक ग्रेड-3, 31 प्राथमिक शिक्षक और 262 चतुर्थ श्रेणी के कर्मचारी शामिल हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि परिवार के मुखिया की मृत्यु के बाद आश्रितों को समय पर नौकरी मिलने से उन्हें आर्थिक परेशानियों से निपटने में मदद मिलती है। सरकार का प्रयास है कि ऐसे मामलों में नियुक्ति की प्रक्रिया को आसान और तेज बनाया जाए।
400 करोड़ से बढ़कर 38 हजार करोड़ रुपये हुआ बजट
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शिक्षा के क्षेत्र में हुए बदलावों का जिक्र करते हुए बताया कि वर्ष 2003 से पहले स्कूल शिक्षा विभाग का बजट करीब 400 करोड़ रुपये था, जो अब बढ़कर 38 हजार करोड़ रुपये हो गया है। उन्होंने कहा कि सरकार स्कूलों में सुविधाएं बढ़ाने और विद्यार्थियों के लिए बेहतर शैक्षणिक माहौल तैयार करने पर जोर दे रही है। शिक्षा व्यवस्था में सुधार के साथ विद्यार्थियों को आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में भी काम किया जा रहा है।
अनुकंपा नियुक्ति की प्रक्रिया में आई तेजी
कार्यक्रम में स्कूल शिक्षा मंत्री राव उदय प्रताप सिंह ने कहा कि पहले अनुकंपा नियुक्ति मिलने में कई बार सालों लग जाते थे। मुख्यमंत्री के निर्देश और विभागीय प्रयासों से इस प्रक्रिया में तेजी आई है। उन्होंने बताया कि पदोन्नति के कारण खाली हुए पदों पर नियुक्तियां करने का रास्ता बनाया गया है। इससे पात्र आश्रितों को नौकरी देने की प्रक्रिया को आगे बढ़ाने में मदद मिली है और प्रभावित परिवारों को आर्थिक सहारा मिल सकेगा।
विद्यार्थियों को 1 लाख 45 हजार लैपटॉप बांटे गए
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में विद्यार्थियों को मिलने वाली सुविधाओं में भी लगातार बढ़ोतरी हुई है। पहले 500 विद्यार्थियों को लैपटॉप दिए जाते थे, जबकि अब 1 लाख 45 हजार विद्यार्थियों को लैपटॉप वितरित किए गए हैं। विद्यार्थियों को स्कूटी जैसी सुविधाएं भी दी जा रही हैं। मुख्यमंत्री ने नवनियुक्त कर्मचारियों से ईमानदारी, निष्ठा और संवेदनशीलता के साथ काम करने की अपेक्षा की। कार्यक्रम में स्कूल शिक्षा मंत्री राव उदय प्रताप सिंह सहित विभाग के अधिकारी मौजूद रहे।




















