
भोपाल में लोकायुक्त ने बड़ी कार्रवाई की है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, परिवहन विभाग के दो पूर्व कर्मचारियों सौरभ शर्मा और चेतन सिंह गौर के ठिकानों पर छापेमारी की गई है। सौरभ शर्मा के अरेरा कॉलोनी स्थित घर और चेतन सिंह गौर के अन्य ठिकानों पर जांच की जा रही है। इन दोनों पर दलाली के आरोप हैं। दूसरी ओर, इंदौर में ईडी ने रुचि सोया के पूर्व मालिक राजेश शाहरा के घर पर छापा मारा।
कौन है सौरभ शर्मा
सौरभ शर्मा मूल रूप से ग्वालियर का निवासी है। वह भोपाल के शाहपुरा में स्थित जयपुरिया स्कूल की फ्रेंचाइजी का संचालन करता है। इससे पहले वो परिवहन विभाग में आरक्षक के पद पर कार्यरत था, लेकिन बाद में स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति (वीआरएस) ले ली।
सौरभ शर्मा के दो ठिकानों पर कार्रवाई की जा रही है। उसके खिलाफ शिकायत मिलने के बाद, आज सुबह 7 बजे दो टीमों को उसके अलग-अलग ठिकानों पर रवाना किया गया।
ढाई करोड़ रुपए से अधिक नकद बरामद
लोकायुक्त की छापेमारी में सौरभ शर्मा के घर से भारी मात्रा में नकदी मिली है। लोकायुक्त को अब तक की कार्रवाई में ढाई करोड़ रुपए कैश और करीब 40 किलो चांदी बरामद हुई है। वहीं, प्रदेश के अलग-अलग जगह पर बेनामी संपत्ति के दस्तावेज भी मिले हैं। बता दें, पिता की जगह बतौर आरक्षक सौरभ शर्मा की अनुकंपा नियुक्ति हुई थी। सौरभ शर्मा ने सिर्फ 10 से 12 साल नौकरी की, जिसके बाद उसका नौकरी से उसका मन उचट गया। उसका रुझान धीरे-धीरे प्रॉपर्टी इन्वेस्टमेंट की तरफ हुआ और भोपाल के कई नामचीन बिल्डरों के साथ प्रॉपर्टी में इन्वेस्टमेंट करने लगा।