राहुल की सदस्यता रद्द होने पर भड़के कमलनाथ, कहा- मोदी सरकार ने डरकर षड्यंत्रों की हदें पार की

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राहुल की सदस्यता रद्द होने पर भड़के कमलनाथ, कहा- मोदी सरकार ने डरकर षड्यंत्रों की हदें पार की
भोपाल। कांग्रेस नेता राहुल गांधी की लोकसभा से सदस्यता रद्द किए जाने के बाद कांग्रेस बिफर उठी है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमल नाथ ने कहा कि मोदी सरकार ने राहुल गांधी के विरुद्ध षड्यंत्र करने में सारी हदें पार कर दी हैं। जिस तरह से राहुल गांधी की लोकसभा सदस्यता समाप्त की गई है, उससे साफ है कि सरकार उनसे भयभीत है।

मोदी सरकार राहुल गांधी से भयभीत है : कमलनाथ

पूर्व सीएम कमलनाथ ने शुक्रवार को ट्वीट कर कहा, नरेंद्र मोदी सरकार ने कांग्रेस के सम्मानित नेता श्री राहुल गांधी के खिलाफ षड्यंत्र करने में सारी हदें पार कर दी हैं। जिस तरह से उनकी लोकसभा सदस्यता रद्द की गई है, उससे स्पष्ट है कि मोदी सरकार राहुल गांधी से भयभीत है। सरकार उनके उठाए सवालों का जवाब देने के बजाय उन्हें लोकसभा से दूर करने का रास्ता तलाश रही थी। https://twitter.com/OfficeOfKNath/status/1639193447700779009

लोकतंत्र के लिए दुख और पीड़ा का दिन है

कमलनाथ ने आगे कहा, आज का दिन भारतीय लोकतंत्र के लिए अत्यंत दुख और पीड़ा का दिन है। लेकिन एक बात अच्छी तरह याद रखनी चाहिए कि ऐसे ही षड्यंत्र स्वर्गीय इंदिरा गांधी के खिलाफ भी किए गए थे, लेकिन उससे इंदिरा जी मजबूत ही हुई थी, कमजोर नहीं। आज भारत की जनता पहले से कहीं मजबूती के साथ श्री राहुल गांधी के साथ खड़ी है। इंसाफ होकर रहेगा।

जो जैसे करता है, वो वैसा परिणाम भोगता है : सीएम

राहुल गांधी की लोकसभा से सदस्यता रद्द होने पर मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने अपनी प्रतिक्रया देते हुए कहा- कर्म प्रधान विश्व रचि राखा। जो जस करहि सो तस फल चाखा।। जो जैसे करता है उसको वैसा परिणाम भोगना पड़ता है। राहुल गांधी ने जो किया उसका परिणाम भोगना हैं। https://twitter.com/ChouhanShivraj/status/1639210023586004992

राहुल गांधी को 2 साल की सजा

राहुल गांधी द्वारा मोदी सरनेम को लेकर की गई टिप्पणी से जुड़े मानहानि केस में सूरत कोर्ट ने गुरुवार (23 मार्च) को फैसला सुनाया था।कोर्ट ने इस मामले में राहुल गांधी को दोषी करार करते हुए उन्हें 2 साल की सजा सुनाई। जिसके तुरंत बाद उन्हें 30 दिन की जमानत भी मिल गई। राहुल गांधी ने कोर्ट में कहा कि- ‘बयान देते वक्त मेरी मंशा गलत नहीं थी।’ कोर्ट ने 17 मार्च को इस मामले में सभी दलीलें सुनने के बाद फैसला सुरक्षित रखा था। सुनवाई के दौरान राहुल गांधी ने कोर्ट में कहा कि- मेरा इरादा गलत नहीं था। ”मैंने जो बोला, वो राजनेता के तौर पर बोला। मैं हमेशा देश में भ्रष्टाचार का मुद्दा उठाता रहा हूं।” सुनवाई के दौरान राहुल के वकील ने जज से अपील की थी कि, उनके बयान से किसी को कोई नुकसान नहीं पहुंचा है। ऐसे में इस मामले में कम से कम सजा सुनाई जाए। वहीं शिकायतकर्ता पूर्णेश मोदी ने इस मामले में अधिकतम सजा और जुर्माने की मांग की थी।

क्या है पूरा मामला ?

राहुल गांधी ने 2019 के लोकसभा चुनाव से पहले कर्नाटक के कोलार में एक रैली के दौरान ये बयान दिया था। 13 अप्रैल 2019 को चुनावी रैली में राहुल गांधी ने कहा था कि- नीरव मोदी, ललित मोदी, नरेंद्र मोदी का सरनेम कॉमन क्यों है? सभी चोरों का सरनेम मोदी क्यों होता है? राहुल के इस बयान को पूरे मोदी समाज का अपमान बताते हुए बीजेपी विधायक और पूर्व मंत्री पूर्णेश मोदी ने उनके खिलाफ मामला दर्ज कराया था। इस केस की सुनवाई के दौरान राहुल गांधी तीन बार कोर्ट में पेश हुए थे। ये भी पढ़ें: राहुल गांधी की संसद सदस्यता रद्द : मोदी सरनेम मामले में 2 साल की सजा के बाद फैसला, वायनाड से थे सांसद
Mithilesh Yadav
By Mithilesh Yadav

वर्तमान में पीपुल्स समाचार के डिजिटल विंग यानी 'पीपुल्स अपडेट' में बतौर सीनियर सब-एडिटर कार्यरत हूं।...Read More

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