
मुख्यमंत्री मोहन यादव शनिवार को उज्जैन में कई कार्यक्रमों में शामिल हुए थे। इस दौरान एक युवक सीएम का प्रोटोकॉल अधिकारी बन कर स्टेज पर चढ़ गया। जब पुलिस ने युवक को देखा तो उन्हें शक हुआ और तुरंत बाद उसे पकड़ लिया गया। तलाशी के दौरान युवक के पास सीएम प्रोटोकॉल आईडी कार्ड और एक वॉकी-टॉकी बरामद हुआ। फिलहाल अभी युवक से पूछताछ चल रही है। साथ ही पुलिस भी इस बात की जांच में लगी है की उसके कार्यक्रम में घुसने का कारण क्या था।
पूरी तैयारी के साथ सीएम प्रोटोकॉल अधिकारी बनकर पहुंचा युवक
शनिवार शाम सीएम महाकाल मंदिर के पास रुद्रसागर पर बने सम्राट अशोक सेतु के लोकार्पण समारोह में पहुंचे। कार्यक्रम की सुरक्षा के लिए कई पुलिस बल तैनात थे। लेकिन इसके बावजूद भी कोट-पैंट पहने एक युवक पुलिस अधिकारियों के बीच घूमता नजर आया, जिसके गले में सीएम प्रोटोकॉल का आईडी कार्ड और हाथ में वॉकी-टॉकी थी। जब एडिशनल एसपी नितेश भार्गव को उस पर संदेह हुआ, तो उससे पूछताछ की गई। पूछताछ में युवक ने खुद को सीएम सुरक्षा अधिकारी बताया, लेकिन गहराई से जांच करने पर मामला संदिग्ध निकला। पुलिस ने तुरंत उसे हिरासत में लेकर महाकाल थाने भेज दिया।
आईडी और वॉकी-टॉकी भी बरामद
पुलिस ने जब युवक की तलाशी ली, तो उसके पास से ‘मध्यप्रदेश शासन, मुख्यमंत्री कार्यालय, वल्लभ भवन भोपाल’ का एक आईडी कार्ड मिला। कार्ड पर नाम सिद्धार्थ जैन, पद प्रोटोकॉल ऑफिसर, और आईडी नंबर 2908527 दर्ज था। इसके अलावा, युवक के पास एक वॉकी-टॉकी भी बरामद हुआ, जिस पर मध्यप्रदेश शासन का स्टीकर लगा हुआ था।
आरोपी हो सकता है किसी साजिश या बड़े नेटवर्क का हिस्सा!
पुलिस अभी तक यह साफ नहीं कर पाई है कि युवक किस मकसद से कार्यक्रम में घुसा था। फिलहाल, आरोपी से गहन पूछताछ जारी है। जांच में यह भी देखा जा रहा है कि कहीं वह किसी साजिश या बड़े नेटवर्क का हिस्सा तो नहीं है। साथ ही, पुलिस युवक की मानसिक स्थिति का आकलन कर रही है और यह जानने की कोशिश कर रही है कि उसके पास फर्जी आईडी कार्ड और वॉकी-टॉकी कहां से आए। मामले में जल्द ही और खुलासे होने की संभावना है।