
कोलकाता। हावड़ा को न्यू जलपाईगुड़ी से जोड़ने वाली वंदे भारत एक्सप्रेस पर मंगलवार को पथराव किया गया। यह ट्रेन चार दिन पहले ही इस रूट पर चलाई गई है। मंगलवार को यह घटना मालदा स्टेशन के पास हुई। न्यूज एजेंसी एएनआई के मुताबिक अज्ञात लोगों ने ट्रेन पर पथराव किया।
खबरों के मुताबिक, पत्थर लगने से ट्रेन के C-13 कोच के गेट के शीशे चटक गए हैं। इस घटना के बाद भाजपा ने टीएमसी कार्यकर्ताओं पर पथराव का आरोप लगाया है। भाजपा नेता शुभेंदु अधिकारी ने इसे कहा कि यह टीएमसी की साजिश है। इस मामले की एनआईए जांच होनी चाहिए।
जयश्री राम के नारे से नाराज हुई थीं ममता
30 दिसंबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वर्चुअली इस ट्रेन का उद्घाटन किया था। इस दौरान हावड़ा स्टेशन पर पहुंचीं पश्चिम बंगाल की सीएम ममता बनर्जी के सामने कुछ लोगों ने ‘जयश्री राम’ के नारे लगाए थे, जिससे ममता नाराज हो गई थीं और उन्होंने मंच पर बैठने से इंकार कर दिया था। उस समय वहीं मौजूद केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव और राज्यपाल सीवी आनंद बोस ने ममता बनर्जी को शांत करने का प्रयास किया। इसके बाद भी ममता नहीं मानी थीं। उन्होंने मंच पर बैठने से इंकार कर दिया था। मंगलवार को हुई इस घटना के बाद भाजपा नेता शुभेंदु अधिकारी ने कहा- वंदे भारत पर हुआ पथराव ‘जयश्री राम’ के नारे का बदला है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री जी को घटना की जांच एनआईए से करानी चाहिए।
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जम्मू कश्मीर के सांबा में अंतरराष्ट्रीय सीमा पर नाइट कर्फ्यू
जम्मू कश्मीर के सांबा जिले में सीमा से सटे एक किमी के दायरे में आज रात से नाइट कर्फ्यू लगा दिया गया है। अधिकारियों ने बताया कि कोहरे को देखते हुए यह कदम उठाया गया है, ताकि सीमा पार से घुसपैठ और ड्रोन के जरिए हथियारों की तस्करी न हो सके। जिलाधिकारी अनुराधा गुप्ता ने इस संबंध में आदेश जारी किया है। इसके मुताबिक सांबा जिले में इंटरनेशनल बॉर्डर (IB) से एक किलोमीटर तक के क्षेत्र में रात 9 बजे से सुबह 6 बजे तक नागरिकों की आवाजाही पर प्रतिबंध लगा दिया गया है।
गैंडों के संरक्षण के लिए मोदी ने असम सरकार को सराहा
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गैंडों के संरक्षण के लिए असम सरकार के प्रयासों की सराहना की है। मोदी ने यह सराहना पिछले साल अवैध शिकार की कोई घटना नहीं होने पर की। मोदी ने असम के सीएम हिमंत बिस्व शर्मा के एक ट्वीट को शेयर कर ट्वीट किया- यह एक सुखद समाचार है! असम के लोगों को बधाई, जिन्होंने राह दिखाई है और जो गैंडों की रक्षा के लिए सक्रिय रूप से प्रयासरत रहे हैं। इससे पहले शर्मा ने एक ट्वीट में कहा था कि साल 2022 में असम में गैंडों के शिकार की कोई भी घटना नहीं हुई। हिमंत ने कहा- ‘गैंडों के संरक्षण के हमारे प्रयासों के लिए 2022 बहुत विशेष रहा। इस दौरान एक भी गैंडे का शिकार नहीं हुआ। इससे पहले 2021 में गैंडों के शिकार की 2 घटनाएं हुई थीं।