जन गण मन...सहित 3 देशों के राष्ट्रगान लिखने वाले टैगोर को मॉरीशस में 35 देशों के साहित्य प्रेमियों ने किया याद
साहित्य-कविताओं और कला-संस्कृति पर केंद्रित दस्तावेज ''आनंद धारा '' का लोकार्पण भी किया

भोपाल। हमारे देश के राष्ट्रगान जन गण मन.. के रचयिता गुरुवर रबीन्द्र नाथ टैगोर दुनिया में एकमात्र ऐसी शख्सियत थे जिन्हें भारत सहित बंगला देश और श्रीलंका का राष्ट्रगान लिखने का श्रेय मिला है। उनके गीत, निबंध, नाटक, कहानी और कविताओं का 35 देशों के साहित्यप्रेमियों ने मारीशस के विश्व हिंदी सचिवालय में जमकर गुणगान किया। उनके साहित्य,निबंध, गीत-कविताओं और कला-संस्कृति पर केंद्रित दस्तावेज ''आनंद धारा '' का लोकार्पण भी किया गया।
उल्लेखनीय है कि गुरुवर टैगोर ने भारत के राष्ट्रगान जन गण मन...बांग्ला देश के राष्ट्रगान आमार सोनार बांग्ला... और श्रीलंका के राष्ट्रगान में उनकी कविता का एक हिस्सा '' श्रीलंका माथा... ''सिंहली में अनुवाद कर शामिल किया गया है। गीत उन्होंने 1938 में लिखा था जिसे 1951 में सिंहली में ट्रांसलेट किया गया।





















