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लैंड फॉर जॉब केस : लालू-तेजस्वी समेत 9 को जमानत, एक लाख के निजी मुचलके पर मिली राहत, सरेंडर करना होगा पासपोर्ट

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लैंड फॉर जॉब केस : लालू-तेजस्वी समेत 9 को जमानत, एक लाख के निजी मुचलके पर मिली राहत, सरेंडर करना होगा पासपोर्ट
पटना। लैंड फॉर जॉब केस में लालू परिवार समेत सभी 9 आरोपियों को जमानत मिल गई है। दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने सभी को 1-1 लाख के निजी मुचलके पर राहत दी है। इसके साथ ही सभी को पासपोर्ट सरेंडर करने के निर्देश दिए गए हैं। मामले की अगली सुनवाई 25 अक्टूबर को होगी।

पहली बार कोर्ट में पेश हुए तेजप्रताप

लैंड फॉर जॉब केस में दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट में लालू परिवार की पेशी हुई। सुनवाई के लिए कोर्ट में RJD सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव, नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव, तेजप्रताप और मीसा भारती पहुंचे थे। इस मामले में पहली बार कोर्ट की तरफ से लालू प्रसाद यादव के बड़े बेटे तेजप्रताप यादव को समन किया गया था। कोर्ट ने आरोपियों को जमानत देते हुए कहा कि, उन्हें बिना गिरफ्तार किए ही आरोप पत्र दाखिल कर दिया गया। इसलिए कोर्ट सभी को एक लाख के निजी मुचलके पर जमानत देती है। इसके साथ ही कोर्ट ने सभी आरोपियों को अपने पासपोर्ट अदालत में जमा करने का निर्देश दिया।

आठ आरोपियों की हुई पेशी

लैंड फॉर जॉब केस में लालू, तेजस्वी, तेज प्रताप समेत 8 आरोपियों की पेशी हुई। इसमें अखिलेश्वर सिंह, हजारी प्रसाद राय, संजय राय, धर्मेंद्र सिंह और किरण देवी शामिल थे। इससे पहले ईडी ने मामले में आरोप पत्र दायर किया था, जिसके आधार पर कोर्ट ने तीनों को समन भेजा था। 18 सितंबर को ईडी की चार्जशीट पर राउज एवेन्यू कोर्ट ने समन जारी किया था।

लालू परिवार पर क्या हैं आरोप?

नौकरी के बदले जमीन का यह मामला 14 साल पुराना है। कथित घोटाला उस समय का है, जब लालू संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (संप्रग) की पहली सरकार में रेल मंत्री थे। यह आरोप है कि 2004 से 2009 तक, भारतीय रेलवे के अलग-अलग जोन में ग्रुप डी पदों पर कई लोगों को नियुक्त किया गया था और बदले में इन लोगों ने अपनी जमीनें तत्कालीन रेल मंत्री लालू यादव के परिवार के सदस्यों और उनसे संबंधित कंपनी एके इन्फोसिस्टम्स प्राइवेट लिमिटेड को हस्तांतरित कर दी थी। इस मामले में 10 अक्टूबर 2022 को सीबीआई ने चार्जशीट दाखिल की थी, जिसमें 16 लोगों को आरोपी बनाया गया था। सीबीआई ने जुलाई 2022 में भोला यादव को गिरफ्तार किया था, जो लालू यादव के रेल मंत्री रहते हुए उनके ओएसडी थे। CBI का कहना है कि पटना में लालू यादव के परिवार ने 1.05 लाख वर्ग फीट जमीन पर कथित तौर पर कब्जा कर रखा है। इन जमीनों का सौदा नकद में हुआ था। ये भी पढ़ें- Yati Nasinghanand Controversy : बतौर इंजीनियर मॉस्को और लंदन में किया काम, धर्म-राजनीति ने छीना परिवार; जानें क्यों हैं मुसलमान गुस्सा
Manisha Dhanwani
By Manisha Dhanwani

मनीषा धनवानी | जागरण लेकसिटी यूनिवर्सिटी से BJMC | 6 वर्षों के पत्रकारिता अनुभव में सब-एडिटर, एंकर, ...Read More

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