
कोलकाता के आरजी कर मेडिकल कॉलेज में महिला डॉक्टर से रेप और हत्या मामले में मुख्य आरोपी संजय रॉय समेत 7 आरोपियों का पॉलीग्राफ टेस्ट शुरू हो चुका है। अधिकारियों ने बताया कि मुख्य आरोपी संजय रॉय का ‘पॉलीग्राफ टेस्ट’ उस जेल में ही किया जाएगा जहां वह बंद है। जबकि पूर्व प्रिंसिपल संदीप घोष, घटना की रात ड्यूटी पर मौजूद चार डॉक्टर्स और एक वॉलंटियर समेत छह अन्य का ‘पॉलीग्राफ टेस्ट’ CBI दफ्तर में किया जाएगा।
अधिकारियों ने बताया कि दिल्ली के केंद्रीय फॉरेंसिक विज्ञान प्रयोगशाला (CFSL) से ‘पॉलीग्राफ’ विशेषज्ञों का एक दल कोलकाता पहुंच गया है। केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) ने गुरुवार को सुप्रीम कोर्ट से कहा था कि स्थानीय पुलिस ने ट्रेनी डॉकटर से रेप और उसकी हत्या के मामले को दबाने का प्रयास किया था और जब तक संघीय एजेंसी ने जांच अपने हाथ में ली, तब तक अपराध स्थल से छेड़छाड़ की जा चुकी थी। हत्या की घटना के खिलाफ देश भर में व्यापक विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं।
CBI पॉलीग्राफ टेस्ट क्यों कराना चाहती है ?
सीबीआई का लक्ष्य इन कर्मचारियों के बयानों को सत्यापित करना है, क्योंकि अन्य मेडिकल रिपोर्ट (जैसे पीड़िता के शरीर से लिए गए DNA, वेजाइनल स्वैब, पीएम ब्लड) उन्हें घटना से स्पष्ट रूप से जोड़ने में विफल रही हैं। सीबीआई जानना चाहती है कि क्या इन चारों ने सबूतों के साथ किसी तरह की छेड़छाड़ की थी या किसी साजिश का हिस्सा थे।
पॉलीग्राफ टेस्ट क्या है ?
पॉलीग्राफ टेस्ट, जिसे आमतौर पर झूठ पकड़ने वाला परीक्षण कहा जाता है, एक विधि है जिसका उपयोग किसी व्यक्ति के शारीरिक संकेतों को मापने के लिए किया जाता है। इस दौरान व्यक्ति के शरीर पर 6 सेंसर अटैच किए जाते हैं। यह माना जाता है कि जब कोई व्यक्ति झूठ बोलता है तो उसके शरीर में कुछ शारीरिक परिवर्तन होते हैं, जैसे कि दिल की धड़कन बढ़ना, सांस लेने की गति बदलना, या पसीना आना। पॉलीग्राफ मशीन इन परिवर्तनों को मापकर यह निर्धारित करने का प्रयास करती है कि व्यक्ति सच बोल रहा है या झूठ।
पॉलीग्राफ टेस्ट कैसे काम करता है ?
- जब कोई व्यक्ति तनावग्रस्त होता है या झूठ बोलता है तो उसका रक्तचाप बढ़ सकता है।
- दिल की धड़कन की गति तनाव या झूठ बोलने के कारण बढ़ सकती है।
- कभी-कभी पॉलीग्राफ मशीन व्यक्ति के हाथ और पैरों की मूवमेंट को भी रिकॉर्ड करती है।
- सांस लेने की गति और गहराई तनाव के कारण बदल सकती है।
- पसीने के उत्पादन में वृद्धि के कारण त्वचा की चालकता बदल सकती है।
कोलकाता में ट्रेनी डॉक्टर के साथ क्या हुआ था ?
8-9 अगस्त के दरमियान कोलकाता के आरजी मेडिकल कॉलेज में महिला ट्रेनी डॉक्टर का रेप के बाद मर्डर कर दिया गया था।पीड़िता नाइट शिफ्ट करके एक जूनियर डॉक्टर के साथ खाना खाने के बाद ट्रेनी डॉक्टर सेमिनार हॉल में थोड़ी देर रेस्ट करने गई थी, लेकिन सुबह तक नहीं लौटी। वह मेडिकल कॉलेज में सेकंड ईयर की छात्रा थी। 9 अगस्त सुबह ट्रेनी डॉक्टर का शव सेमिनार हॉल में अर्धनग्न और चोटिल अवस्था में मिला था।
पुलिस ने बताया था कि ट्रेनी डॉक्टर का रेप कर उसकी हत्या की गई है। घटनास्थल पर शव खून से लथपथ पड़ा मिला था। प्राइवेट पार्ट, आंखों और मुंह से खून बह रहा था। उसकी गर्दन की हड्डी भी टूटी हुई पाई गई थी।
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