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KIIT विश्वविद्यालय में विवाद : ‘नेपाल का बजट 40,000 छात्रों की देखभाल करने जितना भी नहीं…’ स्टाफ का विवादित बयान वायरल

भुवनेश्वर। ओडिशा के कटक स्थित KIIT विश्वविद्यालय में स्टाफ की तरफ से दिए गए बयान पर विवाद खड़ा हो गया है। बयान में कहा गया कि “नेपाल का बजट 40,000 छात्रों की देखभाल करने जितना भी नहीं है।” जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर काफी वायरल हो रहा है। यह बयान एक नेपाली छात्रा की आत्महत्या के बाद दिया गया था, जिसके कारण विश्वविद्यालय में छात्रों ने विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। यह मामला भारत और नेपाल के बीच तनाव का कारण बन गया है।

नेपाली छात्रा की आत्महत्या और विरोध प्रदर्शन

1 फरवरी 2025 को भुवनेश्वर स्थित कलिंगा इंस्टीट्यूट ऑफ इंडस्ट्रियल टेक्नोलॉजी (KIIT) के परिसर में एक नेपाली छात्रा ने आत्महत्या कर ली। घटना के बाद छात्रों ने आरोप लगाया कि, विश्वविद्यालय प्रशासन ने उनकी सुरक्षा और मानसिक स्वास्थ्य के लिए पर्याप्त कदम नहीं उठाए। छात्रों ने आत्महत्या के कारणों की जांच की मांग की और विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया।

विवादित बयान और उसका असर

विरोध प्रदर्शन के दौरान, विश्वविद्यालय के एक कर्मचारी का विवादित बयान वायरल हो गया। वीडियो में कर्मचारी को यह कहते हुए सुना गया कि “आपके देश (नेपाल) का बजट 40,000 छात्रों की देखभाल करने जितना भी नहीं है।” यह बयान सोशल मीडिया पर फैलते ही छात्रों और नेपाल सरकार की कड़ी प्रतिक्रिया का कारण बन गया। छात्रों ने इसे अपमानजनक और बेहद संवेदनहीन बताया।

देखें वीडियो…

नेपाली सरकार और KIIT प्रशासन

नेपाल सरकार ने इस विवाद में हस्तक्षेप करते हुए KIIT प्रशासन से स्पष्टीकरण की मांग की। नेपाल दूतावास ने कहा कि, इस बयान से भारत-नेपाल रिश्तों में खटास आ सकती है और यह बयान नेपाल के नागरिकों के लिए अपमानजनक है।

KIIT विश्वविद्यालय ने एक आधिकारिक बयान जारी किया, जिसमें उन्होंने कहा कि यह बयान किसी एक कर्मचारी का व्यक्तिगत दृष्टिकोण था और विश्वविद्यालय से इसका कोई संबंध नहीं है। उन्होंने कहा कि, विश्वविद्यालय ने इस मामले की जांच शुरू कर दी है। इसके साथ ही छात्रों से शांति बनाए रखने की अपील की है।

आरोपी गिरफ्तार

पुलिस ने आरोपी की पहचान 21 साल के अद्विक श्रीवास्तव के रूप में की है, जो लखनऊ का निवासी है। उसे रविवार शाम हवाई अड्डे के बाहर गिरफ्तार किया गया और आत्महत्या के लिए उकसाने के आरोप में भारतीय दंड संहिता की धारा 108 के तहत मामला दर्ज किया गया। एफआईआर के अनुसार, आरोपी मृतका को ब्लैकमेल कर रहा था, जिसके कारण उसने आत्महत्या का कदम उठाया।

छात्रों का गुस्सा और प्रशासन पर दबाव

छात्रों ने इस बयान के खिलाफ सड़कों पर विरोध करना शुरू कर दिया। उनका कहना था कि यह बयान उनके सम्मान और नेपाल के नागरिकों का अपमान है। छात्र संगठनों ने KIIT प्रशासन से इस मुद्दे पर त्वरित कार्रवाई की मांग की। छात्रों का गुस्सा बढ़ता गया और उन्होंने विश्वविद्यालय के अधिकारियों से स्पष्टीकरण की मांग की।

छात्रा ने क्यों की आत्महत्या

केआईआईटी के रजिस्ट्रार ने बताया कि, बी-टेक थर्ड ईयर की एक नेपाली छात्रा ने रविवार को हॉस्टल में आत्महत्या कर ली। संदेह है कि छात्रा का केआईआईटी में पढ़ने वाले एक अन्य छात्र के साथ प्रेम संबंध था। उनके बीच किसी बात को लेकर हुए विवाद की वजह से उसने ये कदम उठाया। मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को अपने कब्जे में लेकर मृतक छात्रा के माता-पिता को इसके बारे में सूचित किया।

इस घटना ने तब और तूल पकड़ा जब मृतक के चचेरे भाई ने भुवनेश्वर के इन्फोसिटी पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई कि, उसकी बहन ने अपने छात्रावास के कमरे में फांसी लगा ली। उसने दावा किया कि, यूनिवर्सिटी का एक छात्र उसकी बहन को ब्लैकमेल कर रहा था। मृतका की पहचान प्रकृति लामसाल के रूप में हुई है। इस बात के सामने आने के बाद नेपाली छात्र उग्र हो गए और इंसाफ की मांग करते हुए प्रदर्शन शुरू कर दिया।

500 छात्रों को निकालने का आदेश

  • छात्रों के विरोध और आंदोलन के बाद KIIT विश्वविद्यालय ने 500 से अधिक नेपाली छात्रों को अस्थायी रूप से कैंपस छोड़ने का आदेश दिया।
  • छात्रों का आरोप था कि, यह निर्णय अचानक और बिना स्पष्ट कारण के लिया गया, जिससे उनका भविष्य प्रभावित हो सकता था।
  • नेपाल दूतावास ने हस्तक्षेप किया, इसे भारत-नेपाल संबंधों के लिए नकारात्मक बताया और KIIT प्रशासन से स्पष्टीकरण मांगा।
  • KIIT प्रशासन ने कहा कि यह निर्णय छात्रों की सुरक्षा और कानून व्यवस्था के लिए लिया गया था, मामले की जांच की जाएगी।
  • 3 फरवरी को निर्णय वापस लिया गया, प्रशासन ने माफी मांगी और छात्रों को कैंपस में लौटने की अनुमति दी।

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