तोड़फोड़-आगजनी... कर्नाटक के मांड्या में गणेश विसर्जन जुलूस पर किसने बरसाए पत्थर? 4 दिन में 4 राज्यों में पत्थरबाजी की चौथी घटना

मांड्या। कर्नाटक के मांड्या के नागमंगला में गणेश विसर्जन जुलूस पर पथराव की घटना सामने आई है। इस दौरान दो गुटों में हिंसक झड़प हो गई, जिसमें दुकानों और गाड़ियों को आग के हवाले कर दिया गया। घटना बुधवार रात मैसूरु रोड पर स्थित दरगाह के पास की है। वहीं भीड़ को तितर-बितर करने पुलिस ने लाठीचार्ज किया। इसके साथ ही इलाके में 3 दिन के लिए BNS की धारा 163 (CrPC में यह धारा 144 थी) लागू कर दी गई है।
कैसे हुआ विवाद, किसने की पत्थरबाजी?
घटना मांड्या जिले के नागमंगला टाउन पुलिस थाना क्षेत्र में बुधवार (11 सितंबर) रात करीब 8 बजे की है। बदरीकोप्पलु गांव के रहने वाले लोग गणेश विसर्जन का जुलूस निकाल रहे थे। आरोप है कि जैसे ही वे मैसूर रोड पर बनी दरगाह के सामने पहुंचे तो एक दूसरे पक्ष ने पथराव शुरू कर दिया। इसके बाद हालात बिगड़े और दोनों पक्षों में विवाद हो गया। हिंदुओं ने भी प्रदर्शन किया। इस दौरान उपद्र्वियों ने सड़क पर खड़ी गाड़ियों से तोड़फोड़ की और उन्हें आग के हवाले कर दिया। वहीं हिंदू समुदाय के लोगों ने कार्रवाई की मांग करते हुए गणेश प्रतिमा को थाने के सामने रोक दिया। पिछले साल भी बदरिकोप्पल के मैसूर रोड पर बनी इसी दरगाह के सामने दंगा हुआ था।घटना की टाइमलाइन
- शाम 6:30 बजे : जुलूस DJ बजाते हुए मंड्या सर्कल से रवाना हुआ।
- कुछ युवकों ने DJ बजाए जाने पर विरोध जताया और इसे बंद करने को लेकर दोनों गुटों में बहस हो गई।
- शाम 07:30 बजे : जुलूस मस्जिद के पास पहुंचा, तो अचानक पत्थरबाजी शुरू हो गई।
- इसी बीच हाथापाई भी शुरू हो गई और कुछ उपद्रवी तत्व तलवार और रॉड लेकर वहां पहुंच गए।
- रात 9:30 से 10 बजे के बीच : मंड्या सर्कल पर उपद्रवियों ने दुकानों में तोड़फोड की, वाहनों में आग लगा दी।
- पुलिस ने हालात कंट्रोल करने के लिए उपद्रवियों पर लाठीचार्ज किया। काफी मशक्कत के बाद पुलिस ने हालात पर काबू पाया।
- इलाके में BNS की धारा 163 लगा दी गई। इसके साथ ही घटनास्थल पर अतिरिक्त फोर्स को भी तैनात कर दिया गया
- पुलिस उपद्रवियों की पहचान के लिए घटनास्थल के आसपास लगे CCTV कैमरा और वायरल वीडियो की जांच रही है।
- हिंदू समुदाय के लोगों ने कार्रवाई की मांग करते हुए गणेश प्रतिमा को थाने के सामने रोक दिया है।
- पिछले साल भी बदरिकोप्पल के मैसूर रोड पर बनी इसी दरगाह के सामने दंगा हुआ था।




















