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MUDA घोटाले के खिलाफ BJP- JDS ने खोला मोर्चा, कर्नाटक विधानसभा के अंदर सोए विधायक; सीएम सिद्धारमैया पर लगे आरोप

बेंगलुरु। मैसूरु शहरी विकास प्राधिकरण (MUDA) घोटाले के खिलाफ कर्नाटक के BJP-JDS विधायकों ने मोर्चा खोल दिया है। विधानसभा में चर्चा की मांग को लेकर विपक्षी दल बीजेपी और JDS के विधायकों ने विधानसभा भवन में रातभर धरना दिया। यहां कई विधायक अपनी तकिया और चादर लिए सदन के अंदर ही आराम करते दिखे।

कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया और उनके परिवार पर मैसूरु शहरी विकास प्राधिकरण (MUDA) घोटाले में शामिल होने आरोप लग रहे हैं। इसी मुद्दे पर चर्चा की मांग की जा रही है। बीजेपी की तरफ से जारी एक वीडियो में विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष आर अशोक समेत अन्य नेता सोते नजर आ रहे हैं।

MUDA घोटाले पर चर्चा की मांग

बीजेपी ने बुधवार को कर्नाटक विधान मंडल के विधानसभा और विधान परिषद में मैसुरु शहरी विकास प्राधिकरण के भूखंड आवंटन में घोटाले को लेकर चर्चा की मांग की। अनुमति नहीं मिलने पर कांग्रेस सरकार, सीएम और विधानसभा स्पीकर यूटी खादर के खिलाफ नारेबाजी करते हुए धरने पर बैठ गए। विपक्ष का कहना है कि, MUDA घोटाले में मुख्यमंत्री सिद्धारमैया और उनके परिवार के अन्य लोगों का नाम भी शामिल है। विपक्षी दलों ने मामले की जांच में गड़बड़ी के भी आरोप लगाए। साथ जांच के लिए बनी कमेटी को भी राजनीतिक लाभ से प्रेरित बताया।

यह 4,000 करोड़ रुपए का घोटाला है : विपक्ष के नेता

विधानसभा में विपक्ष के नेता आर. अशोक ने कहा, ‘‘कांग्रेस के पास 136 विधायक हैं। जब हम मुडा घोटाले में 4,000 करोड़ रुपए की लूट के बारे में स्थगन प्रस्ताव लाए, तो सरकार डर गई और चर्चा से भाग रही है। उन्होंने वित्त विधेयक समेत कई महत्वपूर्ण विधेयकों को बिना चर्चा के पारित कर दिया है। यह सरकार डरपोक है, उनके पास सदन में मुडा के आरोपों का जवाब देने की हिम्मत नहीं है।’’

उन्होंने पत्रकारों से कहा कि ‘यदि सरकार में थोड़ा भी आत्मसम्मान है तो उसे सदन में यह कहना चाहिए था कि मुख्यमंत्री सिद्धरमैया ने 14 भूखंड को कानूनी तरीके से लिया है और उनके समर्थकों ने भी ऐसा ही किया है। यह 4,000 करोड़ रुपए का घोटाला है। दलितों की एक लाख वर्ग फुट से अधिक जमीन लूट ली गई है। मुख्यमंत्री के परिवार को दी गई जमीन और 5,000 से अधिक अवैध रूप से आवंटित भूखंड को वापस लिया जाए।

क्या है पूरा मामला

ये योजना कर्नाटक में पिछली भाजपा में बनी और वर्तमान कांग्रेस सरकार के कार्यकाल के दौरान लागू की गई थी। भूमि आवंटन घोटाला सुर्खियों इसलिए आया, क्योंकि कर्नाटक के सीएम सिद्धारमैया की पत्नी 2021 में MUDA की इस स्कीम में एक लाभार्थी थीं। उस समय मैसूर के प्रमुख स्थानों में 38,284 वर्ग फुट भूमि उन्हें उनकी 3.16 एकड़ जमीन के कथित अवैध अधिग्रहण के मुआवजे के रूप में आवंटित की गई थी।

मैसूर के केसारे गांव में उनकी 3.16 एकड़ जमीन उनके भाई मल्लिकार्जुन ने उन्हें उपहार में दी थी। दक्षिण मैसूर में एक प्रमुख इलाके में उन्हें मुआवजे के तौर पर जमीन दी गई। आरोप है कि केसर गांव की जमीन की तुलना में इसकी कीमत काफी अधिक है। इसकी वजह से मुआवजे की निष्पक्षता पर सवाल उठाए गए हैं।

स्कीम के तहत, मैसूरु शहरी विकास प्राधिकरण (MUDA) किसी भूमि पर आवासीय लेआउट विकसित करने के लिए भूमि अधिग्रहण कर सकेगी। अधिग्रहण के बदले लैंड ओनर्स को 50% जमीन किसी विकसित लोकेशन पर दी जाएगी। लेकिन इस स्कीम पर बढ़ते विवाद के चलते 2023 में शहरी विकास मंत्री बैराठी सुरेश ने इसे वापस ले लिया था।

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