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टेक्निकल एजुकेशन के जूनियर ऑडिटर के पास 90 करोड़ रुपए की काली कमाई!

रमेश हिंगोरानी के घर लोकायुक्त का छापा, स्कूल-सोसाइटियों की भी जांच

संत हिरदाराम नगर। तकनीकी शिक्षा विभाग के जूनियर ऑडिटर रमेश हिंगोरानी के बैरागढ़ (संत हिरदाराम नगर) स्थित ठिकानों पर अलसुबह लोकायुक्त पुलिस ने छापा मारा। इसमें कमाई का शुरुआती आकलन करीब 90 करोड़ तक पहुंच गया है, जबकि नोटों के ढेर और गहनों का वैल्यूशन जारी है। करोड़पति ऑडिटर के घर से मकानों, स्कूलों, जमीनों के साथ ही कई बैंक खातों की जानकारी मिली हैं, जिनकी छानबीन शुरू कर दी गई है। यह तथ्य भी सामने आया है कि सरकारी नौकरी में होने के बाद भी हिंगोरानी एक प्राइवेट स्कूल का डायरेक्टर बना हुआ था।

लोकायुक्त की अलग-अलग टीमों ने बुधवार सुबह करीब 5 बजे बैरागढ़ निर्मल नर्सरी, लक्ष्मण नगर कॉलोनी स्थित रमेश हिंगोरानी के निवास सहित गांधी नगर में 6 जगहों पर छापामार कार्रवाई की। इस दौरान स्कॉर्पियो समेत 4 लग्जरी कारें और 5 दो पहिया वाहन के साथ गोल्ड, डायमंड ज्वेलरी सहित काफी मात्रा में नगदी मिली है।

बेटों के साथ स्कूलों का संचालक

जानकारी के अनुसार, रमेश हिंगोरानी गांधीनगर के लक्ष्मीदेवी विकयोमल सराफ एजुकेशनल सोसाइटी का सचिव है। लक्ष्मीदेवी, प्रेरणा किरण सहित कई स्कूलों का संचालन किया जा रहा है। इसमें उसके बेटे भी संचालन करते हैं। लोकायुक्त छापामार कार्रवाई के दौरान स्कूल के दफ्तरों में भी दस्तावेजों की जांच-पड़ताल के बाद जब्त किए गए हैं।

संपत्ति की वार्षिक जानकारी में गोलमाल

नियमानुसार सरकारी अधिकारियों और कर्मचारियों को अपनी संपत्ति प्रत्येक वर्ष घोषित करनी होती है। बावजूद रमेश हिंगोरानी के संपत्ति विषयक जानकारी में असली तथ्य छिपाए गए। सूत्रों का दावा है कि विभाग के आला अफसरों को काली कमाई के बारे में पता होने के बाद भी चुप्पी साधे रहे।

बेटों पर सरकारी जमीन पर कब्जे का आरोप : रमेश हिंगोरानी के दोनों बेटों पर गांधी नगर क्षेत्र में करोड़ों रुपए की सरकारी जमीन पर कब्जा कर उन्हें विक्रय करने के भी आरोप लगे थे। उन्होंने सरकारी जमीन पर कब्जा कर एक मैरिज गार्डन भी बनाया था, जिसे 2 साल पहले जिला प्रशासन के आदेश पर तोड़ा गया था।

जेवर और नकदी

सोने के जेवर    70 लाख रु.
चांदी के जेवर   5.5 लाख रु.
कुल नकदी      12.17 लाख रु

मकानों, दुकानों, जमीनों के साथ ही अन्य संपत्ति के दस्तावेज मिले हैं। इसके साथ ही बैंक खातों की जानकारी के बाद संबंधित बैंकों से खाते सीज करवाए जा रहे हैं। नोटों की गिनती और जेवरात के वैल्यूशन के बाद ही संपत्ति के पूरे मूल्य के बारे में बताया जा सकेगा। वहीं आरोपी के सरकारी नौकरी में होने के साथ ही प्राइवेट संस्थाओं में पदाधिकारी होने, विदेशी मुद्रा मिलने आदि पर जांच के बाद अलग से कार्रवाई की जाएगी। – दुर्गेश राठौर, एसपी, लोकायुक्त, भोपाल

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