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मणिपुर में सुरक्षाबलों के काफिले पर हमला : कुकी उग्रवादियों ने की फायरिंग, CRPF जवान शहीद; सिर में लगी गोली

मणिपुर में सुरक्षाबलों के काफिले पर हमला : कुकी उग्रवादियों ने की फायरिंग, CRPF जवान शहीद; सिर में लगी गोली
जिरीबाम। मणिपुर के जिरीबाम में कुकी उग्रवादियों ने रविवार (14 जुलाई) को CRPF और पुलिस टीम के काफिले पर हमला कर दिया। इसमें CRPF का एक जवान शहीद हो गया, जबकि पुलिस का एक अधिकारी घायल हो गया। पुलिस ने बताया कि मोंगबुंग में कुकी उग्रवादियों ने घात लगाकर पहाड़ी इलाके से गोलीबारी की। मोंगबुंग में शनिवार देर रात से ही गोलीबारी शुरू हो गई थी। रविवार सुबह CRPF और पुलिस ने उग्रवादियों पर जवाबी कार्रवाई की।

तलाशी अभियान के दौरान किया हमला

जानकारी के मुताबिक, 20 बटालियन सीआरपीएफ और जीरीबाम जिला पुलिस की संयुक्त टीम एक साथ ऑपरेशन में लगी हुई थी। इसी दौरान घात लगाकर बैटे बदमाशों ने संयुक्त टीम पर हमला कर दिया। हमले में CRPF का एक जवान गोली लगने से शहीद हो गया। गोली CRPF जवान अजय कुमार झा के सिर पर लगी। इसके बाद उन्हें अस्पताल पहुंचाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। पुलिस के मुताबिक, संयुक्त सुरक्षा दल 13 जुलाई को हुई गोलीबारी की घटना से संबंधित तलाशी अभियान चलाने के लिए जीरीबाम जिला पुलिस स्टेशन के अंतर्गत मोनबंग गांव के पास जा रहा था।

CM ने की हमले की कड़ी निंदा

मुख्यमंत्री एन वीरेन सिंह ने पुलिस पर हुए हमले को लेकर एक्स पर अपनी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि, मैं आज जिरीबाम जिले में कुकी उग्रवादियों के संदिग्ध एक सशस्त्र समूह द्वारा किए गए हमले में सीआरपीएफ के एक जवान की हत्या की कड़ी निंदा करता हूं। कर्तव्य की राह पर उनका सर्वोच्च बलिदान बेकार नहीं जाएगा। मैं मृतक जवान के शोक संतप्त परिवार के प्रति अपनी हार्दिक संवेदना व्यक्त करता हूं, साथ ही हमले के दौरान घायल हुए लोगों के जल्द से जल्द स्वस्थ होने की प्रार्थना करता हूं।

26 अप्रैल को शहीद हुए थे CRPF के 2 जवान

मणिपुर में कुकी उग्रवादियों ने 26 अप्रैल को सेंट्रल फोर्स की चौकी पर बम फेंका था। इसमें 2 जवान शहीद और 2 अन्य जवान जख्मी हुए थे। मणिपुर में लोकसभा की वोटिंग के ठीक 6 घंटे बाद यह हमला विष्णुपुर जिले में हुआ था।

एक साल से जारी है हिंसा

मणिपुर में पिछले साल 3 मई (करीब एक साल) से हिंसा जारी है। मैतेई और कुकी मसुदायों के बीच जातीय हिंसा थमने का नाम नहीं ले रही है। मैतेई समुदाय की अनुसूचित जनजाति (एसटी) दर्जे की मांग के विरोध में पहाड़ी जिलों में आयोजित ‘आदिवासी एकजुटता मार्च’ के बाद जातीय हिंसा भड़की थी। इसकी वजह से मणिपुर में 180 से अधिक लोग मारे जा चुके हैं। 1100 से ज्यादा लोग घायल हुए हैं। 65 हजार से ज्यादा लोग अपना घर छोड़ चुके हैं। मणिपुर की आबादी में मैतेई लोगों की संख्या लगभग 53 प्रतिशत है और वे ज्यादातर इंफाल घाटी में रहते हैं। वहीं आदिवासी, जिनमें नागा और कुकी शामिल हैं, वे 40 प्रतिशत हैं और मुख्य रूप से पहाड़ी जिलों में रहते हैं। ये भी पढ़ें- मणिपुर में नहीं थम रही हिंसा : कुकी उग्रवादियों ने सेंट्रल फोर्स की चौकी पर फेंका बम, CRPF के 2 जवान शहीद; दो घायल
Manisha Dhanwani
By Manisha Dhanwani

मनीषा धनवानी | जागरण लेकसिटी यूनिवर्सिटी से BJMC | 6 वर्षों के पत्रकारिता अनुभव में सब-एडिटर, एंकर, ...

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