
चाईबासा। झारखंड के पश्चिमी सिंहभूम जिले के अति नक्सल प्रभावित क्षेत्र में तीन फेरीवालों की पीट-पीट कर हत्या कर दी गई। मृतकों की पहचान शिवहर जिले के राकेश कुमार (26), रमेश कुमार (22) और मोतिहारी जिले के तुलसी कुमार (24) के रूप में हुई है। सभी बिहार के रहने वाले थे। बताया जा रहा है कि बकरी चोरी करने के शक में तीनों की हत्या की गई है। राकेश और रमेश सगे भाई थे और तीनों फेरी का काम करने के लिए झारखंड आए थे। सूचना मिलते ही पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जांच-पड़ताल शुरू कर दी है। पुलिस इस घटना को नक्सली संगठन से जोड़ कर देख रही है।
तीन दिन से थे लापता
बताया जा रहा है कि रविवार को तीनों फेरीवाले सामान लेकर बाइक से सामान बेचने निकले थे। ये तीनों लोग जतरमा के बंद गांव में रहकर फेरी का काम करते थे। जब तीनों रविवार को घर नहीं लौटे, तो परिजनों ने उनकी तलाश शुरू की। मंगलवार को उनके शव नदी किनारे से बरामद किए गए। हालांकि, पुलिस को घटनास्थल से बाइक और सामान नहीं मिले।
नक्सली संगठन पर लूटपाट का शक
पुलिस ने आशंका जताई है कि नक्सली संगठन PFLI के सदस्यों ने लूटपाट के मकसद से हत्या की है। पुलिस अधीक्षक आशुतोष शेखर के आदेश पर बंदगांव, टेबो और गुदड़ी थाने की पुलिस ग्रामीण के साथ मिलकर तीनों शवों को टेबो थाना ले गए। पुलिस विभिन्न एंगल से मामले की जांच कर रही है। कुछ ग्रामीणों से पूछताछ भी की जा रही है। जांच के बाद ही स्थिति साफ हो सकेगी।
पिछले 10-12 दिनों से जतरमा में ही बेच रहे थे सामान
मृतक के भाई राजेश ने बताया कि सात लोग एक साथ रहते थे और फेरी का काम करते थे। घटना के दिन रोज की तरह ही दो बाइक पर तीन लोग निकले थे और 10-12 दिनों से वे जतरमा क्षेत्र में फेरी का काम कर रहे थे। ये सभी लोग लॉटरी की टिकट भी बेचते थे। जो जीतता था, उसे सामान दिया करते थे।
छानबीन में जुटी पुलिस
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और छानबीन शुरू की। ग्रामीणों के अनुसार, तीनों फेरीवाले रविवार को गांव में फेरी करने आए थे, लेकिन वे वापस नहीं लौटे। पुलिस ने मंगलवार को उनके शव बरामद किए और अब हत्या के पीछे के कारणों की तह तक पहुंचने के प्रयास कर रही है।