
जबलपुर। मध्य प्रदेश जबलपुर में लोकायुक्त ने एक बड़ी कार्रवाई का अंजाम दिया है। जबलपुर में स्पेशल टास्क फोर्स (STF) में पदस्थ असिस्टेंट सब इंस्पेक्टर (ASI) को गुरुवार रात एक लाख की रिश्वत लेते रंगे हाथों पकड़ा है। आरोपी ASI ने फरियादी से केस निपटाने के एवज रुपए मांगे थे। जिसके बाद लोकायुक्त पुलिस की टीम ने डिलीवरी बॉय बनकर एएसआई को धर दबोचा।
क्या है मामला ?
जानकारी के मुताबिक, जबलपुर के एसटीएफ के एएसआई निसार अली ने फरियादी प्रॉपर्टी डीलर मोहम्मद जावेद से केस निपटाने के एवज घूस मांगी थी। ASI ने प्रॉपर्टी डीलर को बैंक लोन से जुड़े मामले की जांच रफा-दफा करने के लिए 20 लाख रुपए की डिमांड की थी। जिसकी शिकायत फरियादी नेजबलपुर लोकायुक्त पुलिस से की थी।
दमोह नाका के पास रंगे हाथ दबोचा
इधर, गुरुवार दोपहर फरियादी के पास ASI का फिर कॉल आया। दमोह नाका के पास मिलने के लिए बुलाया। इसके बाद लोकायुक्त टीम के सदस्यों ने डिलीवरी बॉय की टी-शर्ट पहनकर दमोह नाका पेट्रोल पंप के आसपास घूमना शुरू कर दिया। जैसे ही प्रॉपर्टी डीलर एएसआई को 1 लाख रुपए दिए, इसके तुरंत बाद लोकायुक्त पुलिस ने एएसआई को रंगे हाथों दबोच लिया। लोकायुक्त पुलिस आरोपी ASI को गिरफ्तार कर आगे की कार्रवाई में जुटी हुई है।
कॉल कर बुलाया साइबर ऑफिस
फरियादी का कहना है कि करीब 25 दिन पहले एएसआई ने पहली बार कॉल कर साइबर ऑफिस में बुलाया था। जहां पर कुछ दस्तावेज दिखाए और कहा कि तुम्हारे खिलाफ बैंक से शिकायत आई है। शिकायत बड़े अधिकारियों तक चली गई है, अब बच पाना मुश्किल है। इसके बाद एएसआई ने केस निपटाने के नाम पर 20 लाख रुपए से मांग की। इसके बाद किश्तों में पैसा देने का दबाव बनाने लगा। साथ ही धमकी दी कि पैसे नहीं दिए तो तुम्हारे साथ भाई भी जेल जाएंगे।