
भोपाल। पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने मध्यप्रदेश के सीएम शिवराज सिंह चौहान को एक पत्र लिखकर मुख्यमंत्री राज्य कर्मचारी बीमा योजना को दोबारा शुरू करने की मांग की है। उन्होंने कहा कि शासकीय कर्मचारियों, रिटायर्ड लोगों और उनके परिवार के सदस्यों को सामान्य बीमारी की स्थित में 5 लाख रुपए व गंभीर बीमारी की स्थित में 10 लाख रुपए तक के कैशलेस इलाज की सुविधा कांग्रेस सकरार ने शुरू की थी। मुख्यमंत्री राज्य कर्मचारी बीमा योजना के जरिये कर्मचारी और पेंशनर्स दोनों ही इसके लिए पात्र थे। इस योजना के माध्यम से 7.5 लाख सेवारत तथा 5 लाख सेवानिवृत्त शासकीय सेवकों और उनके परिवारों को उपचार की सुविधा सुनिश्चित की गई थी।
3 साल बाद भी नहीं मिल रहा लाभ
कमलनाथ ने कहा कि 2020 में वित्त विभाग द्वारा यह सेवा शुरू की गई थी, लेकिन 3 साल बीतने के बाद भी योजना का लाभ मप्र सरकार के कर्मचारियों को नहीं मिल रहा है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान को पत्र लिखकर मांग की है कि कर्मचारी एवं उनके परिवार योजना के लाभ से वंचित हैं। इसलिए यह योजना सरकार तुरंत लागू करे। उन्होंने कहा कि कर्मचारी संगठनों द्वारा भी योजना को लागू करने की मांग लगातार की जा रही है।
योजना से कम होता सरकार का खर्च
नाथ ने पत्र में कहा कि योजना लागू करने से कर्मचारियों एवं सरकार के वित्तीय हित सुरक्षित होते, सरकार का खर्च कम होता और कर्मचारी एवं उनके परिवार को जल्द स्वास्थ्य सेवा मुहैया होती। उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा योजना लागू न करके कर्मचारी और उनके परिवार के सदस्यों से अकारण ही असंवेदनशील व्यवहार किया जा रहा है। यह उचित नहीं है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार के समय शुरू की गई मुख्यमंत्री राज्य कर्मचारी बीमा योजना का क्रियान्वयन अविलम्ब प्रारंभ किया जाए, ताकि प्रदेश के 12.5 लाख सेवारत और रिटायर्ड कर्मचारियों और उनके परिवारों को लाभ मिल सके।
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