जबलपुर मेडिकल कॉलेज में गर्भवती महिला और नवजात की मौत, डिंडौरी में परिजनों ने किया चक्काजाम

डिंडौरी। सूचना मिलने पर पुलिस, प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी पहुंचे। कांग्रेस विधायक ओमकार मरकाम ने भी परिजनों को समझाइश दी। करीब एक घंटे की बातचीत के बाद परिजन जबलपुर जाने के लिए तैयार हुए।
मंगलवार रात जबलपुर मेडिकल कॉलेज किया था रेफर
मृतका के परिजन दीपचंद धुर्वे के मुताबिक, गर्भवती अनीता को डिंडौरी जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया था। मंगलवार रात उसकी हालत को देखते हुए उसे जबलपुर मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया। वहां इलाज के दौरान अनीता और उसके नवजात बच्चे की मौत हो गई। घटना की खबर मिलने के बाद परिजन सदमे में आ गए। इसके बाद उन्होंने दोनों के शव डिंडौरी लाने की मांग को लेकर जिला अस्पताल के सामने प्रदर्शन शुरू कर दिया।
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पुलिस ने परिजनों को दी समझाइश
मौके पर पहुंचे थाना प्रभारी दुर्गा प्रसाद नगपुरे ने परिजनों को समझाया कि अनीता और उसके बच्चे की मौत के मामले में जबलपुर पुलिस द्वारा मर्ग दर्ज कर पोस्टमार्टम और आवश्यक जांच की जाएगी। इन प्रक्रियाओं के लिए मायके पक्ष के लोगों का जबलपुर पहुंचना जरूरी है। अधिकारियों ने परिजनों को जांच की प्रक्रिया समझाते हुए सहयोग करने की अपील की।
अस्पताल ने उपलब्ध कराई एंबुलेंस
सीएमएचओ डॉ. मनोज पांडेय ने बताया कि परिजनों को जबलपुर ले जाने के लिए अस्पताल की ओर से एंबुलेंस की व्यवस्था की गई थी, लेकिन वे जाने के लिए तैयार नहीं थे। पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों के साथ विधायक ओमकार मरकाम की समझाइश के बाद परिजन राजी हुए। करीब एक घंटे तक चले घटनाक्रम के बाद वे एंबुलेंस से जबलपुर रवाना हो गए। मां और नवजात की मौत से परिवार में शोक का माहौल है।




















