जबलपुर के फिशरी कॉलेज में स्मार्ट क्लास की पहल, सांसद निधि से लगाई गई स्मार्ट स्क्रीन

जबलपुर। मत्स्य विज्ञान की पढ़ाई अब विद्यार्थियों के लिए पहले से अधिक आसान और रोचक होने जा रही है। मछलियों की विभिन्न प्रजातियों, उनके प्रजनन, जलीय जीवों के जीवन चक्र और मत्स्य पालन की आधुनिक तकनीकों को अब केवल किताबों और व्हाइट बोर्ड तक सीमित नहीं रहना पड़ेगा। विद्यार्थी इन विषयों को स्मार्ट स्क्रीन पर तस्वीरों, वीडियो और डिजिटल सामग्री के माध्यम से भी समझ सकेंगे। फिशरी कॉलेज में डिजिटल शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए सांसद आशीष दुबे की पहल पर स्मार्ट स्क्रीन लगाई गई है। इसके लिए सांसद निधि से करीब 1.75 लाख रुपये खर्च किए गए हैं। कॉलेज के डीन की ओर से दिए गए प्रस्ताव के बाद यह पहल की गई। फिलहाल एक कक्षा को स्मार्ट बोर्ड की सुविधा से लैस किया गया है। आने वाले समय में चार और कक्षाओं में स्मार्ट बोर्ड लगाने की योजना है।
पढ़ाई और प्रैक्टिकल समझना होगा आसान
कॉलेज के डीन प्रोफेसर डॉ. एसके महाजन के अनुसार, मत्स्य विज्ञान ऐसा विषय है, जिसमें कई प्रक्रियाओं को देखकर समझना विद्यार्थियों के लिए उपयोगी होता है। स्मार्ट बोर्ड के जरिए शिक्षक डिजिटल सामग्री, तस्वीरों और वीडियो की मदद से विषयों को अधिक स्पष्ट तरीके से समझा सकेंगे। इस तकनीक से मछलियों के प्रजनन, उनके विकास और मत्स्य पालन की विभिन्न प्रक्रियाओं को दृश्य माध्यमों से समझाने में मदद मिलेगी। इससे विद्यार्थियों को सैद्धांतिक पढ़ाई के साथ प्रैक्टिकल जानकारी हासिल करने में भी सुविधा होगी। पारंपरिक शिक्षण पद्धति के साथ डिजिटल तकनीक का इस्तेमाल कक्षाओं को अधिक उपयोगी बना सकता है।
चार और कक्षाओं को किया जाएगा डिजिटल
कॉलेज में अभी तक विद्यार्थियों को मुख्य रूप से व्हाइट बोर्ड के माध्यम से पढ़ाया जा रहा था। स्मार्ट स्क्रीन लगने के बाद अब डिजिटल माध्यमों का इस्तेमाल शुरू किया गया है। कॉलेज प्रशासन की योजना जल्द ही चार अन्य कक्षाओं को भी स्मार्ट बोर्ड से लैस करने की है। इससे अधिक विद्यार्थियों को तकनीक आधारित पढ़ाई का लाभ मिल सकेगा। स्मार्ट बोर्ड पर विषय से जुड़ी सामग्री प्रदर्शित करने के साथ विद्यार्थियों को अपने प्रोजेक्ट प्रस्तुत करने में भी मदद मिलेगी।
विद्यार्थियों को पढ़ाई लगेगी अधिक रोचक
कॉलेज के फोर्थ ईयर के छात्र प्रबल अवस्थी का कहना है कि व्हाइट बोर्ड की तुलना में स्मार्ट बोर्ड से विषयों को समझना आसान और रोचक होगा। इसमें लाइव वीडियो दिखाने के साथ प्रोजेक्ट को डिस्प्ले करने की सुविधा भी मिलेगी। इससे पढ़ाई के दौरान विषयों को बेहतर तरीके से समझने में मदद मिलेगी।
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डिजिटल शिक्षा को बढ़ावा देने पर जोर
जबलपुर के सांसद आशीष दुबे ने कहा कि 'डिजिटल इंडिया' और 'विकसित भारत 2047' के तहत विद्यार्थियों के विकास के लिए स्मार्ट बोर्ड उपलब्ध कराया गया है। उन्होंने कहा कि छात्रों के विकास के लिए विश्वविद्यालय को हर संभव सहयोग दिया जाएगा। उनके अनुसार, फिशरी और वेटरनरी जैसे क्षेत्रों में डिजिटल बुनियादी ढांचे को मजबूत करना समय की मांग है।




















