
चेन्नई। भारत में अक्सर यूपीएससी के जरिए चुने गए अधिकारियों की चर्चा होती रहती है। पहले यूपीएससी द्वारा चुने जाने पर ये सुर्खियां बटोरते हैं, फिर अधिकारी बन अपने कामों के जरिए। वहीं तमिलनाडु के एक आईपीएस अधिकारी वरुण कुमार भी आजकल सुर्खियों में हैं। साइबर बुलिंग (Cyber-Bullying) को लेकर उन्होंने अपनी पत्नी सहित सोशल मीडिया X से दूरी बना ली है। उनका आरोप है कि एक विशेष पार्टी के द्वारा सोशल मीडिया पर उनके परिवार को निशाना बनाया जा रहा है। इसके पीछे जिम्मेदार लोगों को कड़ी सजा दिलाने के लिए वो प्रतिबद्ध हैं। वो 2011 बैच के आईपीएस अधिकारी हैं।
उनका कहना है कि वो साधारण परिवार से हैं। जहां उनके ग्रैंड पेरेंट्स किसान थे। ऐसे में परिवार की सुरक्षा हमेशा हमारी प्राथमिकता रही है। इसलिए हम ये फैसला ले रहे हैं। उनका कहना है उनको टारगेट करने के लिए परिवार के फोटो का दुरुपयोग किया जा रहा है।
साधारण परिवार से हैं वरुण
आईपीएस ऑफिसर वरुण कुमार की शुरुआती शिक्षा तमिलनाडु के त्रिची में हुई। हायर एजुकेशन के लिए वो चेन्नई चले गए, जहां रागस डेंटल कॉलेज से बीडीएस की डिग्री ली। उन्होंने 2010 में यूपीएससी सिविल सर्विस की परीक्षा को पास किया। इसकी तैयारी के लिए उन्होंने 4 साल तक खूब मेहनत की। इसमें उनके परिजनों ने भी भरपूर सहयोग किया। वह तमिलनाडु के एक साधारण परिवार से हैं। उनके पिता अर्थशास्त्र के प्रोफेसर और मां हाउस वाइफ हैं। उनके भाई यूएसए में जॉब करते हैं। उनके दादा–परदादा खेती बैकग्राउंड से आते थे।
एक फिल्म से मिली आईपीएस बनने की प्रेरणा
साल 2003 में ’कखा कखा’ नाम की तमिल फिल्म देखकर सिविल सर्विस में जाने की प्रेरणा मिली। उनकी हमेशा से आईपीएस बनने की इच्छा थी, जिसे फिल्म देखने के बाद साकार करने का रास्ता और जुनून मिला। उनके मुताबिक, जब तक इसके लिए योजनाबद्ध और दृढ़ होकर निर्णय नहीं लिया जाएगा तब तक इसे पास करना बहुत मुश्किल है।
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