
भोपाल। मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में 24 फरवरी को ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट 2025 का आगाज हो गया है। इस दौरान समिट के पहले दिन मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट का भोपाल में आयोजन हुआ है और इसका लाभ सभी क्षेत्रों को मिल रहा है। डॉ. यादव ने प्रदेश की राजधानी भोपाल की बदलती पहचान का ज़क्रि करते हुए कहा कि अब यहां की पहचान निवेश, उद्योग और व्यापार से हो रही है।
क्षेत्र में निवेश और विस्तार की अनंत संभावनाएं
ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट के पहले दिन सोमवार को मुख्यमंत्री ने विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग के शिखर सम्मेलन ‘टेक इन्वेस्ट मध्यप्रदेश‘’में आईटी और टेक क्षेत्र के उद्योगपतियों को संबोधित किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि आईटी एक अलग प्रकार की दुनिया है और इस क्षेत्र में निवेश और विस्तार की अनंत संभावनाएं हैं।
मुख्यमंत्री ने आईटी के क्षेत्र में बनाई गई नीतियों की सराहना करते हुए कहा कि बाकी राज्यों की तुलना में मध्यप्रदेश ने सबसे अच्छी पॉलिसी बनाई है। उन्होंने कहा कि इन नीतियों का लाभ निवेशकों को मिलेगा। आईटी सेक्टर के विस्तार के लिए मध्यप्रदेश सरकार प्रतिबद्ध है। सीएम ने कहा कि जिन जगहों पर आईटी के क्षेत्र में चुनौतियां आती थीं, आज वहां भी आईटी हब बन रहे हैं।
GIS के पहले इन अहम विष्यों पर हुई चर्चा
- विभागीय शिखर सम्मेलन में भारत को अगली प्रौद्योगिकी महाशक्ति बनने के मध्यप्रदेश के द्दष्टिकोण पर चर्चा की गई।
- विभिन्न संस्थाओं से निवेश प्रस्ताव प्राप्त किए एवं एमओयू साइन किए गए।
- सत्र में आईटी, इलेक्ट्रॉनिक्स, सेमीकंडक्टर, ड्रोन, एवीजीसी-एक्सआर, डेटा सेंटर और ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर (जीसीसी) के लिए मध्यप्रदेश को वैश्विक केंद्र पर आयोजित सत्रों में विभिन्न पेनालिस्ट ने अपने विचार साझा किए।
- शिखर सम्मेलन में विभिन्न प्रौद्योगिकी क्षेत्रों में कुल 25 हजार 640 करोड़ का निवेश प्राप्त हुआ, जिससे लगभग एक लाख 83 हजार 400 रोजगार के अवसर सृजित होंगे।
- आईटी और आईटीएस क्षेत्र में 5500 करोड़ का निवेश प्राप्त हुआ। इससे अनुमानित 93 हजार रोजगार सृजित होंगे।
- ईएसडीएम क्षेत्र में 14 हजार करोड़ रुपये का निवेश प्राप्त हुआ, जिससे लगभग 14 हजार रोजगार सृजित होंगे।
- डेटा सेंटर के लिये 6800 करोड़ रुपये का निवेश प्राप्त हुआ, जिसमें 2900 रोजगार के अवसर सृजित होंगे।
- जीसीसी में 700 करोड़ का निवेश प्राप्त हुआ, जिससे 40 हजार 500 रोजगार के अवसर सृजित होंगे।
- एबीजीसी-एक्सआर में 110 करोड़ रुपए का निवेश प्राप्त हुआ, जिसमें 3000 रोजगार के अवसर सृजित होंगे।
- ड्रोन सेक्टर में 180 करोड़ रुपए का निवेश प्राप्त हुआ, जिससे लगभग 30 हजार लोगों को रोजगार मिलेगा।
- अपर मुख्य सचिव विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग के अपर मुख्य सचिव संजय दुबे ने राज्य को आईटी क्षेत्र में अग्रणी बनाने की प्रतिबद्धता पर जोर दिया।