
इंदौर। मध्य प्रदेश के इंदौर शहर में शुक्रवार (18 अक्टूबर) को लोकायुक्त पुलिस टीम की बड़ी कार्रवाई सामने आई है। जिला शिक्षा केंद्र इंदौर में पदस्थ जिला परियोजना समन्वयक शीला मेरावी को 1 लाख रुपए की रिश्वत लेते रंगेहाथों पकड़ा है। बताया जा रहा है कि शीला मेरावी ने स्कूलों की मान्यता के लिए 10 लाख रुपए मांगे थे, लेकिन सौदा 4 लाख रुपए में हुआ और आज जैसे ही उन्होंने 1 लाख रुपए की पहली किस्त ली, लोकायुक्त पुलिस ने उन्हें रिश्वत के साथ पकड़ लिया। लोकायुक्त टीम अब उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई कर रही है।
जानें पूरा मामला
एमपी पब्लिक स्कूल अशोक नगर और एमपी किड्स स्कूल अंजली नगर के संचालक दिलीप बुझानी ने रिश्वतखोरी की शिकायत लोकायुक्त से की थी। आवेदक का आरोप है कि उसके स्कूलों की मान्यता को लेकर आरटीआई कार्यकर्ता संजय मिश्रा द्वारा उसे ब्लैकमेल किया जा रहा है। मिश्रा ने जिला शिक्षा केंद्र से जानकारी मांगी थी और धमकी दी थी कि अगर पैसे नहीं दिए तो वह स्कूलों की मान्यता खत्म करवा देंगे।
इसके बाद शीला मेरावी ने जांच खत्म करने और आगे कोई शिकायत नहीं करने की एवज में 10 लाख रुपए की रिश्वत मांगी थी। शिकायत की पुष्टि होने के बाद सौदा 4 लाख रुपए में तय हुआ। आज मेरावी अपने कार्यालय में पहली किस्त के रूप में एक लाख रुपए लेते पकड़ा गया। उनके खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण संशोधन अधिनियम 2018 की धारा 7 के तहत मामला दर्ज किया गया है।