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इंदौर का करोड़पति पुलिस ड्राइवर फिरोज खान निलंबित:35 करोड़ से अधिक का मालिक ,सैलरी से 568% ज्यादा प्रॉपर्टी

लोकायुक्त का शिकंजा, विभाग का एक्शन! प्रधान आरक्षक फिरोज खान निलंबित, 38 संपत्तियों का खुलासा; 35.46 करोड़ रुपये आंका गया बाजार मूल्य। 14 अक्टूबर की सर्च कार्रवाई के बाद जांच तेज, परिवार, सहयोगियों और फर्म के नाम पर दर्ज संपत्तियों की भी पड़ताल जारी।
इंदौर का करोड़पति पुलिस ड्राइवर फिरोज खान निलंबित:35 करोड़ से अधिक का मालिक ,सैलरी से 568% ज्यादा प्रॉपर्टी

इंदौर। लोकायुक्त पुलिस की छापामार कार्रवाई के बाद प्रधान आरक्षक फिरोज खान के खिलाफ विभागीय कार्रवाई शुरू हो गई है। पुलिस प्रशिक्षण महाविद्यालय (पीटीसी) की एसपी वाहिनी सिंह ने उसे निलंबित कर दिया है। वहीं, लंबे समय से ड्यूटी से गैरहाजिर रहने के मामले में भी अलग से विभागीय जांच शुरू कराई गई है। दूसरी ओर, लोकायुक्त पुलिस फिरोज खान की संपत्तियों और बैंक खातों की पड़ताल में जुटी है। अब तक उसके 22 बैंक खातों में से 17 का सत्यापन किया जा चुका है। जांच में इन खातों में 10 लाख रुपये से अधिक की रकम मिलने की जानकारी सामने आई है।

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इस कार्रवाई के बाद पुलिस विभाग में भी हलचल तेज हो गई है। जांच का दायरा केवल बैंक खातों तक सीमित नहीं है, बल्कि फिरोज खान की संपत्तियों, जमीन के कारोबार और उसके संपर्कों से जुड़े पहलुओं की भी पड़ताल की जा रही है। हालांकि, जांच पूरी होने के बाद ही उसकी संपत्ति और आर्थिक लेन-देन से संबंधित तथ्यों की स्पष्ट तस्वीर सामने आएगी।

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एक साल से गैरहाजिर, अब निलंबन के साथ विभागीय जांच

जानकारी के अनुसार, फिरोज खान पुत्र फारुख खान का करीब एक साल पहले देवास से तबादला हुआ था। इसके बाद वह पुलिस प्रशिक्षण महाविद्यालय (पीटीसी) पहुंचा था, जहां वह चालक के पद पर तैनात था। बताया जा रहा है कि आमद देने के कुछ दिन बाद ही वह ड्यूटी से गैरहाजिर हो गया। उसकी लंबे समय से अनुपस्थिति को लेकर सवाल उठ रहे थे।

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अब लोकायुक्त की कार्रवाई के बाद विभाग ने उसके खिलाफ निलंबन की कार्रवाई की है। साथ ही, यह पता लगाने के लिए अलग से जांच शुरू की गई है कि आखिर वह इतने लंबे समय तक बिना अनुमति ड्यूटी से अनुपस्थित कैसे रहा। जांच में यह भी स्पष्ट किया जाएगा कि उसकी गैरहाजिरी के दौरान विभागीय स्तर पर क्या कार्रवाई हुई और अनुपस्थिति से संबंधित दस्तावेजों का सत्यापन किस तरह किया गया।

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22 बैंक खातों पर लोकायुक्त की नजर, 17 का सत्यापन पूरा

लोकायुक्त पुलिस फिरोज खान से जुड़े आर्थिक मामलों की तह तक पहुंचने के लिए उसके बैंक खातों की जांच कर रही है। कुल 22 बैंक खातों में से 17 खातों का सत्यापन पूरा हो चुका है। इन खातों में 10 लाख रुपये से अधिक की रकम मिलने की जानकारी सामने आई है। शेष खातों की जांच और अन्य वित्तीय पहलुओं की पड़ताल के बाद ही कुल जमा राशि तथा लेन-देन की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

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जांच एजेंसी उसकी संपत्तियों और आर्थिक गतिविधियों से संबंधित जानकारी जुटा रही है। जमीन के कारोबार में उसकी कथित सक्रियता और संपर्कों से जुड़े पहलुओं को भी जांच के दायरे में बताया गया है। फिलहाल, बैंक खातों में मिली रकम अपने आप में किसी अपराध का प्रमाण नहीं है। रकम के स्रोत, आय के ज्ञात साधनों और संपत्तियों के बीच संबंधों की जांच के बाद ही किसी निष्कर्ष पर पहुंचा जा सकेगा।

वर्ष 2002 में आरक्षक के पद पर हुई थी भर्ती

प्राप्त जानकारी के अनुसार, फिरोज खान वर्ष 2002 में मंदसौर पुलिस में आरक्षक के पद पर भर्ती हुआ था। उसकी नौकरी का बड़ा हिस्सा देवास में बीतने की जानकारी है। वह चालक के पद पर रहते हुए जमीन के कारोबार में सक्रिय बताया जाता है। उसके खिलाफ सामने आए आरोपों और उसके आर्थिक लेन-देन की वास्तविकता की जांच अब महत्वपूर्ण मानी जा रही है।सूत्रों के हवाले से यह भी बताया गया है कि वह पुलिस लाइन में पदस्थ अधिकारियों से कथित सांठगांठ के जरिए ड्यूटी से गैरहाजिर रहता था। नोटिस मिलने पर बीमारी से संबंधित दस्तावेज प्रस्तुत करने की बात भी सामने आई है। इन दावों की पुष्टि विभागीय जांच और संबंधित रिकॉर्ड के सत्यापन के बाद ही हो सकेगी।

सेवानिवृत्त आईजी के संरक्षण में नेटवर्क बनाने का दावा

खबर के अनुसार, फिरोज खान ने एक पदोन्नत आईजी के संरक्षण में अपना नेटवर्क खड़ा किया था। संबंधित अधिकारी उस समय उज्जैन में डीआईजी के पद पर पदस्थ थे और अब सेवानिवृत्त हो चुके हैं। बताया गया है कि फिरोज खान को उस दौरान क्राइम ब्रांच में अटैच किया गया था। इसके बाद उस पर खातेगांव-कन्नौद के जंगलों से सागौन की तस्करी करवाने और विवादित जमीनों के सौदों में सक्रिय रहने के आरोपों का उल्लेख किया गया है।

ये आरोप गंभीर हैं, लेकिन इनकी स्वतंत्र पुष्टि और संबंधित व्यक्तियों की भूमिका का निर्धारण जांच के निष्कर्षों के आधार पर ही किया जा सकता है। लोकायुक्त की मौजूदा कार्रवाई के बीच इन पुराने दावों और कथित संपर्कों की जांच किस दिशा में आगे बढ़ती है, इस पर नजर रहेगी।

फिरोज खान के साथ तस्वीर वायरल होने के बाद निरीक्षक का तबादला

इस पूरे मामले के बीच विशेष शाखा में पदस्थ निरीक्षक महेंद्र पटेल का देवास से भोपाल तबादला भी चर्चा में है। बताया गया है कि पटेल करीब 12 वर्षों से देवास में पदस्थ थे। इसी दौरान फिरोज खान के साथ उनकी एक तस्वीर इंटरनेट मीडिया पर प्रसारित होने लगी। इसके बाद उनके तबादले की जानकारी सामने आई।हालांकि, निरीक्षक महेंद्र पटेल के तबादले का आधिकारिक कारण स्पष्ट नहीं हुआ है। केवल तस्वीर सामने आने और तबादले के समय के आधार पर दोनों घटनाओं के बीच सीधा संबंध मानना उचित नहीं होगा।

अब जांच के निष्कर्षों पर टिकी नजर

प्रधान आरक्षक फिरोज खान के निलंबन, लंबे समय से गैरहाजिरी और बैंक खातों की जांच ने मामले को कई स्तरों पर महत्वपूर्ण बना दिया है। एक तरफ विभागीय जांच में उसकी अनुपस्थिति का हिसाब खंगाला जाएगा, वहीं दूसरी तरफ लोकायुक्त पुलिस बैंक खातों, संपत्तियों और कथित आर्थिक गतिविधियों से जुड़े तथ्यों की पड़ताल करेगी।अब सबसे अहम सवाल यही हैं कि शेष पांच बैंक खातों में क्या जानकारी सामने आती है, संबंधित रकम के स्रोत क्या हैं और संपत्तियों व आय के बीच कोई विसंगति मिलती है या नहीं। जांच पूरी होने के बाद ही मामले की वास्तविक स्थिति और जिम्मेदार लोगों की भूमिका स्पष्ट हो सकेगी।

Hemant Nagle
By Hemant Nagle

हेमंत नागले | पिछले बीस वर्षों से अधिक समय से सक्रिय पत्रकारिता में हैं। वर्ष 2004 में मास्टर ऑफ जर्...

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