
इंदौर। जिला प्रशासन ने भिक्षावृत्ति उन्मूलन अभियान के तहत 30 बच्चों को स्कूल में दाखिला दिलाकर उन्हें शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ा। ये वे बच्चे थे जो अब तक शिक्षा से वंचित थे और परिवार के साथ भीख मांगने को मजबूर थे। कलेक्टर आशीष सिंह के निर्देश और जिला कार्यक्रम अधिकारी रामनिवास बधौलिया के मार्गदर्शन में भिक्षावृत्ति उन्मूलन दल लगातार जागरूकता अभियान चला रहा है।
भिक्षावृत्ति रोकने के लिए प्रशासन के प्रयास
इंदौर प्रशासन जन जागरुकता और कानूनी कार्रवाई के साथ-साथ शिक्षा और रोजगार के माध्यम से भिक्षावृत्ति रोकने के प्रयास कर रहा है। भिक्षावृत्ति उन्मूलन दल के द्वारा ऐसे इलाकों का सर्वे किया जा रहा है, जहां के लोग इस काम में संलग्न हैं। इसके तहत महिलाओं और बच्चों के लिए शिक्षा और रोजगार के विशेष प्रबंध किए जा रहे हैं।
अहिर खेड़ी क्षेत्र में हुआ सर्वे
रणजीत हनुमान मंदिर के आसपास भीख मांगने वाले परिवारों का सर्वे करने पर प्रशासन को ऐसे 30 बच्चे मिले जो स्कूल नहीं जा रहे थे। इसका कारण था कि भिक्षावृत्ति में जुड़े होना, आधार या समग्र आईडी जैसे दस्तावेजों की कमी एवं स्कूल छोड़ देना। इसके बाद भिक्षावृत्ति उन्मूलन प्रभारी दिनेश मिश्रा के प्रयासों से इन सभी बच्चों का शासकीय माध्यमिक शाला में प्रवेश कराया गया।
बच्चों को मिली जरूरी सुविधाएं
प्रशासन की ओर से बच्चों के लिए स्कूली बैग, यूनिफॉर्म, पानी की बोतल और टिफिन की व्यवस्था कराई गई, ताकि वे पढ़ाई से जुड़ सकें। शासकीय माध्यमिक शाला में सभी बच्चों का एडमिशन कराया गया।
डॉक्यूमेंट न होने पर भी मिलेगा दाखिला
कलेक्टर आशीष सिंह ने निर्देश दिए हैं कि दस्तावेजों की कमी के कारण कोई भी बच्चा शिक्षा से वंचित न रहे। स्कूल प्राचार्य ने आश्वासन दिया कि इन बच्चों के आधार और समग्र आईडी जल्द बनवाए जाएंगे।
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