इंदौर में BRTS हटना शुरू : हाईकोर्ट के आदेश के बाद GPO चौराहे से शिवाजी वाटिका के बीच काटी गई रेलिंग

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इंदौर में BRTS हटना शुरू : हाईकोर्ट के आदेश के बाद GPO चौराहे से शिवाजी वाटिका के बीच काटी गई रेलिंग
इंदौर। मध्य प्रदेश के इंदौर में बस रैपिड ट्रांजिट सिस्टम (बीआरटीएस) को हटाने की प्रक्रिया 28 फरवरी की रात 11:30 बजे से शुरू हो गई। हाईकोर्ट के आदेश के बाद नगर निगम ने तेजी से कार्रवाई शुरू की। 50 अधिकारियों और कर्मचारियों की टीम ने जीपीओ चौराहे पर पहुंचकर गैस कटर और जेसीबी मशीनों की मदद से रैलिंग और डिवाइडर हटाने का कार्य शुरू किया।

चरणबद्ध तरीके से हटाया जाएगा BRTS

नगर निगम ने बीआरटीएस कॉरिडोर को चरणबद्ध तरीके से हटाने का फैसला किया है। पहले उन हिस्सों को हटाया जा रहा है, जहां जाम की समस्या अधिक थी या कॉरिडोर अधिक चौड़ा था।

प्रमुख स्थान जहां कार्य चल रहा है:

  • जीपीओ से शिवाजी वाटिका तक
  • जीपीओ से नवलखा की ओर
  • शिवाजी वाटिका से नवलखा चौराहे तक

रातभर चला रैलिंग और डिवाइडर हटाने का कार्य

रातभर गैस कटर की मदद से लोहे की रैलिंग को हटाया गया। इसके बाद डिवाइडर को जेसीबी से तोड़कर हटाया गया। अधिकारियों का कहना है कि, मलबे को तुरंत हटाने की व्यवस्था की गई है ताकि यातायात में कोई बाधा न आए।

तीन बस स्टॉप प्रभावित, होगी अस्थायी व्यवस्था

बीआरटीएस कॉरिडोर हटाने से शिवाजी वाटिका से नवलखा चौराहे के बीच स्थित तीन बस स्टॉप प्रभावित होंगे। हालांकि, यात्रियों की सुविधा के लिए अस्थायी बस स्टॉप बनाए जाएंगे ताकि किसी को परेशानी न हो।

चार से पांच महीने में पूरा होगा काम

राजीव गांधी चौराहे से देवास नाका तक फैले 11.45 किलोमीटर लंबे बीआरटीएस कॉरिडोर को पूरी तरह हटाने में लगभग चार से पांच महीने का समय लगेगा। इस दौरान आई-बसें सामान्य ट्रैफिक के साथ मिक्स लेन में चलेंगी।

नए सिरे से बनेंगे बस स्टॉप

बीआरटीएस हटाने के बाद शहर में सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को और बेहतर बनाने के लिए नए बस स्टॉप बनाए जाएंगे। अब बसें सड़क के दोनों किनारों पर चलेंगी और बस स्टैंड भी सड़क किनारे ही होंगे।

यातायात व्यवस्था में सुधार की उम्मीद

बीआरटीएस कॉरिडोर के चलते कई स्थानों पर ट्रैफिक जाम की समस्या बनी रहती थी। इसे हटाने के बाद सड़क चौड़ी होगी और वाहनों को बेहतर मार्ग मिलेगा। नगर निगम ने इस प्रोजेक्ट को चार महीनों में पूरा करने का लक्ष्य रखा है।

BRTS हटने से क्या होगा

  • बीआरटीएस हटने के बाद बसें सड़क के दोनों किनारों से चलेंगी।
  • नए बस स्टॉप सड़क किनारे बनाए जाएंगे।
  • सड़क चौड़ी होने से ट्रैफिक जाम की समस्या कम होगी।
  • यातायात की सुगमता में सुधार होगा।
बीआरटीएस हटाने का फैसला इंदौर की यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने की दिशा में बड़ा कदम साबित हो सकता है। नगर निगम ने इसे समयबद्ध तरीके से पूरा करने की योजना बनाई है।

भोपाल में पहले ही हटाया जा चुका है बीआरटीएस

इंदौर प्रदेश का इकलौता शहर था जहां बीआरटीएस चालू था। इससे पहले भोपाल में भी बीआरटीएस लागू किया गया था, लेकिन असफलता के कारण उसे हटा दिया गया। वहां इस प्रोजेक्ट पर करीब 360 करोड़ रुपए खर्च हुए थे। ये भी पढ़ें- इंदौर में सॉफ्टवेयर इंजीनियर के साथ सेक्सटोर्शन, 78,000 की ठगी, अश्लील वीडियो रिकॉर्ड कर किया ब्लैकमेल
Manisha Dhanwani
By Manisha Dhanwani

मनीषा धनवानी | जागरण लेकसिटी यूनिवर्सिटी से BJMC | 6 वर्षों के पत्रकारिता अनुभव में सब-एडिटर, एंकर, ...Read More

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