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भारत-पाकिस्तान तनाव : श्रीनगर में ड्रोन अटैक, कच्छ में ब्लैकआउट, अमृतसर में रेड अलर्ट; सीजफायर तोड़ने के बाद क्या-क्या हुआ?

भारत-पाकिस्तान तनाव : श्रीनगर में ड्रोन अटैक, कच्छ में ब्लैकआउट, अमृतसर में रेड अलर्ट; सीजफायर तोड़ने के बाद क्या-क्या हुआ?
नई दिल्ली। शनिवार 10 मई को शाम 5 बजे भारत और पाकिस्तान के बीच युद्धविराम (सीजफायर) की घोषणा हुई। लेकिन इसकी घोषणा के महज 3 घंटे बाद ही पाकिस्तान ने इसे तोड़ते हुए जम्मू-कश्मीर, पंजाब, राजस्थान और गुजरात के सीमावर्ती इलाकों में फायरिंग और ड्रोन अटैक कर दिए। विदेश सचिव विक्रम मिसरी ने रात 11 बजे प्रेस कॉन्फ्रेंस कर बताया कि, पाकिस्तान ने भारतीय सीमा में घुसने की कोशिश की। भारतीय सेना को पूरी छूट दी गई है और सेना ने हर हमले को विफल किया। फिलहाल सभी जगहों पर स्थिति सामान्य है।

पाकिस्तान ने तोड़ा सीजफायर

सीजफायर तोड़ने के बाद पाकिस्तान की ओर से फायरिंग और ड्रोन गतिविधियां हुईं। फायरिंग और शैलिंग की प्रमुख जगहें:
  • सुंदरबनी
  • मेंढर पुंछ
  • श्रीनगर
  • राजौरी
  • नौशेरा
  • अखनूर
  • आरएस पुरा
  • जम्मू
  • उधमपुर
  • पठानकोट
  • अरनिया
  • कठुआ
  • जालंधर
  • कच्छ
इन क्षेत्रों में सेना ने फौरन कार्रवाई की और किसी बड़े नुकसान को टाल दिया। सेना ने रातभर निगरानी जारी रखी और सभी सीमावर्ती ठिकानों पर हाई अलर्ट लागू किया गया।

ड्रोन हमलों की कोशिश नाकाम

श्रीनगर, उधमपुर, फिरोजपुर, पठानकोट, जालंधर और अमृतसर में ड्रोन गतिविधियां देखी गईं। भारतीय सेना ने एंटी-ड्रोन सिस्टम के जरिए सभी पाकिस्तानी ड्रोन को नष्ट कर दिया। गुजरात के कच्छ और द्वारका में भी ड्रोन देखे जाने की सूचना के बाद निगरानी तेज कर दी गई।

22 अप्रैल से अब तक 5 जवान शहीद

22 अप्रैल को पहलगाम आतंकी हमले के बाद से अब तक पाकिस्तान की गोलीबारी में 5 भारतीय जवान शहीद हो चुके हैं, जबकि 60 से ज्यादा जवान घायल हुए हैं। नागरिकों में 25 लोगों की मौत हुई और 50 से ज्यादा लोग घायल हैं।

ब्लैकआउट और हाई अलर्ट

सीजफायर तोड़ने के बाद रातभर कई जगहों पर ब्लैकआउट किया गया, ताकि दुश्मन ड्रोन से टारगेट न कर सके। ब्लैकआउट और हाई अलर्ट वाले प्रमुख जिले: पंजाब: अमृतसर, पठानकोट, गुरदासपुर, फिरोजपुर, होशियारपुर, जालंधर राजस्थान: जैसलमेर, बाड़मेर, श्रीगंगानगर, बीकानेर गुजरात: कच्छ, द्वारका जम्मू-कश्मीर: अखनूर, सांबा, पुंछ, कुपवाड़ा, राजौरी हालांकि, रविवार सुबह से इन सभी इलाकों में स्थिति सामान्य है और बाजार, स्कूल, अस्पताल आदि फिर से खुले हैं।

अमृतसर एयरपोर्ट और धार्मिक स्थलों पर सख्ती

श्री गुरु रामदास जी इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर सुरक्षा कड़ी कर दी गई है। एयरपोर्ट कैंपस के गुरुद्वारा संतसर जी में लोगों को मत्था टेकने से रोका जा रहा है और सुरक्षा कारणों से उन्हें वापस भेजा जा रहा है। भारतीय विदेश मंत्रालय और रक्षा मंत्रालय ने साफ किया है कि, देश की सुरक्षा में कोई समझौता नहीं होगा। सभी सुरक्षा एजेंसियां हाई अलर्ट पर हैं और सीमाओं पर लगातार निगरानी जारी है।

अमृतसर में अब भी रेड अलर्ट जारी

अमृतसर के डिप्टी कमिश्नर ने सुबह 5:24 बजे बताया कि, शहर में बिजली की सप्लाई फिर से शुरू कर दी गई है, लेकिन रेड अलर्ट अभी भी लागू है। उन्होंने कहा कि अगर सायरन बजे, तो समझें कि खतरा बरकरार है। ऐसे में सभी लोग घर के अंदर ही रहें, बाहर न निकलें और खिड़कियों से दूर रहें। हालात ठीक होने पर लोगों को जानकारी दे दी जाएगी। डिप्टी कमिश्नर ने कहा कि, सुरक्षा बनाए रखने के लिए सभी नागरिकों का सहयोग जरूरी है और घबराने की जरूरत नहीं है।

ट्रंप ने दी थी सीजफायर की जानकारी

सीजफायर की जानकारी अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर दी थी। उन्होंने कहा था कि अमेरिका की मध्यस्थता में यह समझौता हुआ है। लेकिन इसके 30 मिनट बाद ही पाकिस्तान ने शांति की उस डोर को तोड़ दिया।

पूर्व सेना प्रमुखों ने क्या कहा

पूर्व सेना प्रमुख जनरल वीपी मलिक ने कहा, 'भारत की सैन्य और असैन्य कार्रवाइयों से क्या कोई रणनीतिक लाभ मिला, यह इतिहास तय करेगा।' वहीं पूर्व सेना प्रमुख जनरल मनोज नरवणे ने लिखा, 'आगे अब कोई और मौका नहीं मिलेगा, हर बार सिर्फ जवाब देना समाधान नहीं है।' ये भी पढ़ें- उमर अब्दुल्ला बोले- यह कैसा सीजफायर है… पाकिस्तान ने फिर किए ड्रोन हमले, श्रीनगर समेत कई जगहों पर ब्लैकआउट
Manisha Dhanwani
By Manisha Dhanwani

मनीषा धनवानी | जागरण लेकसिटी यूनिवर्सिटी से BJMC | 6 वर्षों के पत्रकारिता अनुभव में सब-एडिटर, एंकर, ...Read More

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