
उज्जैन। स्वतंत्रता दिवस का जश्न देशभर में मनाया जा रहा है। विश्व प्रसिद्ध श्री महाकालेश्वर मंदिर में 15 अगस्त आजादी का पर्व सबसे पहले भस्म आरती में देखने को मिला। गुरुवार को बाबा महाकाल का विष्णु स्वरूप में श्रृंगार किया गया। पूरे महाकाल मंदिर को राष्ट्रीय ध्वज तिरंगे के रंगों से सजाया गया। मंदिर के शिखर पर भारत के झंडे लगाकर सजाया गया।
विशेष आरती की गई
आज प्रात:काल सुबह भगवान महाकाल की विशेष भस्म आरती के साथ 78वें स्वतंत्रता दिवस की शुरुआत की गई। बाबा महाकाल का मंदिर तीन रंगों से सजाया गया, जो देखने में काफी आकर्षक लग रहा था। वहीं बाबा महाकाल का श्रृंगार भी तीन रंगों से किया गया, जिसे देख श्रद्धालुओं में भी देश भक्ति देखने को मिली।
विष्णु के स्वरूप में किया श्रृंगार
आज तड़के तीन बजे मंदिर के कपाट खोले गए। सबसे पहले सभा मंडप में वीरभद्र जी के कान में स्वस्ति वाचन कर घंटी बजाकर भगवान से आज्ञा लेकर सभा मंडप वाले चांदी के पट खोला गया। पुजारी ने पंचामृत पूजन के बाद कर्पूर आरती की। साथ ही जल से भगवान महाकाल का अभिषेक करने के बाद दूध, दही, घी, शक्कर शहद फलों के रस से बने पंचामृत से पूजन किया गया। भगवान महाकाल का विष्णु के स्वरूप में श्रृंगार किया गया।
तीन रंगों से सजाया मंदिर
स्वतंत्रता दिवस के इस पावन अवसर पर भगवान महाकाल का भव्य श्रृंगार किया गया और उन्हें तिरंगे के तीन रंगों में सजाया गया। इस दौरान भगवान को तीन रंग के वस्त्र अर्पित भी किए। पूरे मंदिर को भी भारत के राष्ट्रीय ध्वज के रंगों में रोशनी से सजाया गया था। मंदिर के शिखर पर लहराते तिरंगे ने श्रद्धालुओं के दिलों में देशभक्ति की भावना को और गहरा कर दिया।