
महाराष्ट्र में समाजवादी पार्टी (SP) के नेता अबू आजमी के औरंगजेब पर दिए गए बयान से विवाद बढ़ता जा रहा है। इस बयान के बाद ठाणे में उनके खिलाफ केस दर्ज किया गया है। वहीं, कांग्रेस नेता राशिद अल्वी और उदित राज ने भी इस मुद्दे पर बयान देकर बहस को और तेज कर दिया है। राशिद अल्वी ने कहा है कि औरंगजेब ने मंदिर तोड़े, लेकिन उसने मंदिरों को पैसे भी दिए।
अबू आजमी के बयान पर बवाल
सपा नेता अबू आजमी ने मुगल शासक औरंगजेब का बचाव करते हुए कहा था कि वह न तो क्रूर थे, न ही अत्याचारी और न ही असहिष्णु। उन्होंने कहा कि आज कल फिल्मों के जरिए मुगल बादशाहों की गलत छवि पेश की जा रही है। इस बयान के बाद राजनीतिक दलों और संगठनों में नाराजगी देखने को मिली।
कांग्रेस नेता राशिद अल्वी और उदित राज ने भी दिया बयान
कांग्रेस नेता राशिद अल्वी ने कहा कि औरंगजेब ने कुछ मंदिरों को तुड़वाया था, लेकिन उसने कई मंदिरों को आर्थिक मदद भी दी थी। उन्होंने सवाल उठाया कि 500 साल पहले के शासक पर आज राजनीति क्यों हो रही है? उन्होंने बीजेपी पर भी निशाना साधते हुए कहा कि गुजरात में भी मंदिर तोड़े गए हैं।
कांग्रेस नेता उदित राज ने अबू आजमी के बयान का समर्थन करते हुए कहा कि इतिहास में बड़े राजा छोटे राजाओं पर अत्याचार करते ही थे। उन्होंने कहा कि सिर्फ औरंगजेब को ही क्रूर बताना सही नहीं है, क्योंकि हिंदू राजाओं में भी कई क्रूर शासक हुए हैं।
एकनाथ शिंदे ने माफी और कार्रवाई की मांग की
अबू आजमी के बयान पर महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने कड़ी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि अबू आजमी को इस बयान के लिए माफी मांगनी चाहिए। शिंदे ने उनके खिलाफ देशद्रोह का मुकदमा चलाने की भी मांग की।
शिवसेना शिंदे गुट का प्रदर्शन
अबू आजमी के बयान के विरोध में शिवसेना शिंदे गुट के सांसद नरेश म्हस्के और अन्य कार्यकर्ता ठाणे के वागले पुलिस स्टेशन पहुंचे और प्रदर्शन किया। इसके बाद म्हस्के ने अबू आजमी के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई।
विवाद थमता नजर नहीं आ रहा
अबू आजमी के बयान के बाद शुरू हुआ विवाद लगातार बढ़ता जा रहा है। भाजपा और शिवसेना शिंदे गुट लगातार उनके खिलाफ कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। दूसरी ओर, कांग्रेस के कुछ नेता अबू आजमी के समर्थन में उतर आए हैं। ऐसे में यह बहस जल्द खत्म होती नहीं दिख रही।