होर्मुज जलडमरूमध्य में दो तेल टैंकर बारूदी सुरंग से टकराए, भीषण आग में घिरे - ईरानी रिवोल्यूशनरी गार्ड्स का दावा

तेहरान। ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स ने शनिवार को दावा किया कि होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में दो तेल टैंकर बारूदी सुरंगों से टकराने के बाद आग की चपेट में आ गए। बता दें कि मध्य-पूर्व युद्ध के केंद्र में स्थित इस जलमार्ग पर फरवरी के आखिर में युद्ध शुरू होने के बाद से तेहरान ने अपना नियंत्रण स्थापित कर इसे बंद कर दिया है। इस रास्ते से दुनिया की कुल तेल खपत का लगभग 20 फीसदी हिस्सा गुजरता है। रिवोल्यूशनरी गार्ड्स ने अपने बयान में कहा- नियमों का उल्लंघन करते हुए दो मिलियन बैरल से अधिक कच्चा तेल ले जा रहा एक सुपरटैंकर होर्मुज जलडमरूमध्य से अवैध रूप से गुजरने की कोशिश कर रहा था। उसी दौरान वह बारूदी सुरंग से टकरा गया, जिससे तेज धमाका हुआ और भीषण आग लग गई।हालांकि, बयान में घटना की सटीक लोकेशन का जिक्र नहीं किया गया।
नहीं पता चला कि किस देश का था जहाज
बाद में शनिवार को ही गार्ड्स ने बताया कि एक दूसरा सुपरटैंकर भी बारूदी सुरंग से टकराने के बाद भीषण आग की चपेट में आ गया। उन्होंने कहा कि इस टैंकर में भी दो मिलियन बैरल से अधिक कच्चा तेल लदा था और यह भी जलडमरूमध्य से निकलने की कोशिश कर रहा था।अभी तक यह साफ नहीं हो पाया है कि यह तेल कहां से आया था और टैंकर किस देश के झंडे वाले थे। उत्तर में ईरान और दक्षिण में ओमान के बीच स्थित होर्मुज जलडमरूमध्य अपने सबसे संकरे हिस्से में करीब 30 किलोमीटर चौड़ा है। इस पर कब्जे के बाद से ईरान ने नियम बना दिया है कि यहां से गुजरने वाले हर जहाज को पहले उससे इजाजत लेनी होगी।
जहाज ने ट्रैकिंग सिस्टम बंद कर दिए थे
गार्ड्स ने आगे कहा, टैंकर ने अमेरिकी समर्थन से अपने सभी ट्रैकिंग सिस्टम बंद करके इस जलडमरूमध्य को पार करने की कोशिश की।उन्होंने रात में आग की लपटों में घिरे जहाज का एक वीडियो भी जारी किया है। इससे दो दिन पहले ईरानी सेना ने बताया था कि ओमान की खाड़ी में, जो अरब सागर तक फैली है और जिसे तेहरान अपना "निषिद्ध क्षेत्र" बताता है, दो टैंकरों में आग लग गई थी।
हूतियों का दावा- सऊदी के 'क्लस्टर बम' हमलों में 12 लोगों की मौत
हूती मीडिया ने कहा है कि रातभर चले सऊदी हवाई हमलों में यमन में कम से कम 12 लोगों की मौत हो गई, जिनमें तीन बच्चे भी शामिल हैं। हूतियों के मुताबिक, शनिवार को सऊदी लड़ाकू विमानों ने ताइज प्रांत में "आम नागरिकों के घरों" को निशाना बनाया, जिसमें 9 लोगों की जान चली गई और 16 लोग घायल हो गए। मलबे के नीचे अभी भी कई लोग दबे हुए हैं। हूतियों ने आगे जानकारी दी कि धमार प्रांत में रातभर हुए हमलों में 3 बच्चों की मौत हो गई और 17 लोग जख्मी हो गए। उन्होंने आरोप लगाया कि ये हमले क्लस्टर बमों का इस्तेमाल करके किए गए, जिन पर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिबंध लगा है।




















