होर्मुज में एक रात में 7 टैंकरों को नुकसान! ईरान की अमेरिका को चेतावनी, तेल सप्लाई पर बढ़ा खतरा

तेहरान। पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के बीच होर्मुज जलडमरूमध्य में जहाजों को नुकसान पहुंचने की खबर से समुद्री सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है। ईरान के सरकारी टेलीविजन ने इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) की नौसेना के हवाले से बताया कि रातभर में सात तेल टैंकर क्षतिग्रस्त हुए। इनमें चार जहाजों में तेल स्थानांतरित करने के दौरान आग लगने की बात कही गई, जबकि तीन अन्य बारूदी सुरंगों से टकरा गए। इस बीच, ईरान के वरिष्ठ अधिकारी मोहसिन रेजाई ने चेतावनी दी है कि ईरान की संपत्तियों पर हमला होने पर दूसरे देशों के आर्थिक ठिकाने भी निशाने पर आ सकते हैं।
होर्मुज में सात टैंकरों को नुकसान, क्या है पूरा मामला?
ईरानी सरकारी टेलीविजन के मुताबिक, होर्मुज जलडमरूमध्य में सात तेल टैंकरों को नुकसान पहुंचा है। IRGC की नौसेना ने दावा किया कि चार जहाजों को उस समय निशाना बनाया गया, जब उनमें तेल स्थानांतरित किया जा रहा था। इसके बाद इन जहाजों में आग लग गई। वहीं, तीन अन्य टैंकर समुद्र में बिछाई गई बारूदी सुरंगों से टकरा गए और आगे चलने में असमर्थ हो गए। रॉयटर्स ने भी इस रिपोर्ट का उल्लेख किया है।
अमेरिका के सैन्य ठिकाने भी बन सकते हैं निशाना
टैंकरों को नुकसान पहुंचने की खबर के बीच IRGC ने अमेरिका को चेतावनी दी है। ईरानी संगठन के मुताबिक, यदि अमेरिका होर्मुज जलडमरूमध्य के दूसरे हिस्सों से तेल टैंकरों की आवाजाही सुनिश्चित करने की कोशिश करता है, तो क्षेत्र में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर हमला किया जा सकता है। ईरान और अमेरिका के बीच जारी संघर्ष के कारण खाड़ी क्षेत्र में तनाव पहले से बना हुआ है। होर्मुज दुनिया के अहम तेल परिवहन मार्गों में शामिल है।
मोहसिन रेजाई की चेतावनी, आर्थिक ठिकानों पर भी खतरा
ईरान की सर्वोच्च राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद के सचिव मेजर जनरल मोहसिन रेजाई ने भी विरोधी देशों को चेतावनी दी है। अमेरिकी मीडिया संस्थान ड्रॉप साइट को दिए साक्षात्कार में उन्होंने कहा कि ईरान के खिलाफ कार्रवाई करने वालों को इसकी कीमत चुकानी पड़ सकती है। अल जजीरा की रिपोर्ट के अनुसार, रेजाई ने ईरान के तेल ठिकानों, बंदरगाहों और जहाजरानी को निशाना बनाने पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि यदि ईरान की संपत्तियों पर हमले होते हैं, तो युद्ध का समर्थन करने वाले देशों के आर्थिक बुनियादी ढांचे को भी सुरक्षित नहीं माना जा सकता।
किन शर्तों पर खुलेगा होर्मुज जलडमरूमध्य?
रेजाई ने कहा कि होर्मुज जलडमरूमध्य को दोबारा खोलने का फैसला अमेरिका को बताई गई शर्तों को लागू किए जाने पर निर्भर करेगा। उनके मुताबिक, ईरान अब ऐसे समझौतों में दिलचस्पी नहीं रखता, जिनका आधार केवल राजनीतिक भरोसा हो। तेहरान चाहता है कि किसी भी समझौते की शर्तों पर अमल किया जाए।
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क्षेत्रीय देशों के साथ नई सुरक्षा व्यवस्था की तैयारी
रेजाई ने बताया कि ईरान ने क्षेत्र के दूसरे देशों के साथ एक वैकल्पिक सुरक्षा व्यवस्था पर भी चर्चा की है। इस प्रस्ताव में ऊर्जा ठिकानों, समुद्री रास्तों और आम लोगों से जुड़े बुनियादी ढांचे को आपसी हमलों से बचाने की बात शामिल है।



















