
बरगढ़। ओडिशा के बालासोर में हुए रेल हादसे में 275 लोगों की मौत के सदमे से लोग अभी उबरे भी नहीं हैं कि ओडिशा में एक और हादसा हो गया। ओडिशा के बरगढ़ में एक मालगाड़ी के कई डिब्बे पटरी से उतर गए। बरगढ़ जिले समरधरा के पास एसीसी रेलवे ट्रैक पर मालगाड़ी दुर्घटनाग्रस्त हुई है। हालांकि, हादसे में किसी को कोई नुकसान नहीं पहुंचा है। मौके पर पहुंची पुलिस मामले की जांच कर रही है।
#WATCH | Some wagons of a goods train operated by a private cement factory derailed inside the factory premises near Mendhapali of Bargarh district in Odisha. There is no role of Railways in this matter: East Coast Railway pic.twitter.com/x6pJ3H9DRC
— ANI (@ANI) June 5, 2023
कैसे हुआ हादसा
जानकारी के मुताबिक, पहिए के फटने के चलते ट्रेन के 5 कंटेनर पलट गए। इस घटना में किसी के घायल होने की कोई जानकारी सामने नहीं आई है। हादसा बरगढ़ मौजूद एसीसी सीमेंट फैक्ट्री में चूना पत्थर ले जाते समय हुआ।
दुर्घटना बरगढ़ के पास एसीसी सीमेंट प्लांट के अंदर बिछाए गए प्राइवेट ट्रैक पर हुई है, जो कि प्राइवेट साइडिंग है, जिसका संचालन रेलवे की तरफ से नहीं होता है। यह बरगढ़ सीमेंट वर्क्स के स्वामित्व वाली नैरोगेज लाइन है। हादसे के बाद मेन लाइन पर ट्रेनों का संचालन प्रभावित नहीं हुआ है।
3 दिन पहले बालासोर में हुआ था दर्दनाक हादसा
बेंगलुरु-हावड़ा सुपरफास्ट एक्सप्रेस, शालीमार-चेन्नई सेंट्रल कोरोमंडल एक्सप्रेस और एक मालगाड़ी की शुक्रवार (2 जून) शाम लगभग सात बजे ओडिशा के बालासोर में बाहानगा बाजार स्टेशन के निकट आपस में भीषण टक्कर हो गई थी। इस हादसे में पहले 288 लोगों के मारे जाने की खबर आई थी। जिसके बाद ओडिशा सरकार ने बालासोर रेल हादसे में मृतकों की संख्या रविवार को 288 से संशोधित कर 275 कर दी और घायलों की संख्या 1,175 बताई। चीफ सेक्रेटरी प्रदीप जेना ने रविवार को कहा, कुछ शवों की दो बार गिनती हो गई थी। इस वजह से मृतकों की संख्या में गड़बड़ी हुई।
रेल मंत्री ने बताया हादसे का कारण
ओडिशा के बालासोर में दो जून को हुए रेल हादसे में 288 लोगों की मौत हो गई और एक हजार से ज्यादा लोग घायल हो गए। हादसे का कारण पता चल गया है। रेल मंत्री ने इसकी जानकारी देते हुए कहा कि, यह हादसा इलेक्ट्रॉनिक इंटरलॉकिंग में बदलाव के कारण हुआ। हमने जिम्मेदारों की भी पहचान कर ली है, उनपर कार्रवाई की जाएगी। बता दें कि, इलेक्ट्रॉनिक इंटरलॉकिंग सिस्टम वह होता है जिसमें ट्रेन का ट्रैक तय किया जाता है। इसके साथ ही रेल मंत्री ने कहा कि हादसे का कवच सिस्टम से कोई लेना-देना नहीं है।
कैसे हुआ हादसा
जानकारी के मुताबिक, हादसा बालासोर के बहानगा बाजार स्टेशन के पास शाम करीब 7 बजे हुआ। रेलवे के मुताबिक कोलकाता-चेन्नई कोरोमंडल एक्सप्रेस और यशवंतपुर-हावड़ा एक्सप्रेस बहानगा स्टेशन के पास डिरेल हो गई थीं। इसके बाद कोरोमंडल एक्सप्रेस ट्रेन पास के ट्रैक पर खड़ी मालगाड़ी से टकरा गई।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, रेलवे अधिकारियों ने बताया कि पहले यशवंतपुर-हावड़ा एक्सप्रेस डिरेल हुई थी। इसके कुछ डिब्बे दूसरी पटरी पर पलटे और दूसरी तरफ से आ रही शालीमार-चेन्नई कोरोमंडल एक्सप्रेस से टकरा गए। इसके बाद कोरोमंडल ट्रेन की भी कुछ बाोगियां पटरी से उतर गईं। ये बोगियां दूसरे ट्रैक पर मालगाड़ी से टकरा गईं। कुछ बोगियां मालगाड़ी के ऊपर चढ़ गईं।