
इंदौर में हुए सनसनीखेज भावना सिंह हत्याकांड में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने हत्या के तीन आरोपियों- आशु यादव, मुकुल यादव और उनकी महिला मित्र स्वस्ति राय को ग्वालियर बायपास से गिरफ्तार कर लिया है।
कसोल से भागने की फिराक में थे आरोपी
घटना के बाद आरोपी हिमाचल प्रदेश के कसोल में छिपे हुए थे, लेकिन पुलिस को जैसे ही उनके ठिकाने की जानकारी मिली, एक विशेष टीम को कसोल रवाना किया गया। पुलिस के दबाव को देखते हुए आरोपियों ने ग्वालियर की ओर भागने की कोशिश की, लेकिन टीम ने उन्हें ग्वालियर बायपास से धर दबोचा।
शराब पार्टी के दौरान विवाद बना हत्या की वजह
पुलिस जांच में यह सामने आया है कि आरोपी ऑनलाइन सट्टा एप के जरिए भारत में ऑनलाइन सट्टा कारोबार चला रहे थे। घटना वाली रात, इंदौर के महालक्ष्मी नगर स्थित एक फ्लैट में आरोपी शराब पार्टी कर रहे थे। इसी दौरान किसी बात को लेकर विवाद बढ़ गया और गुस्से में आकर मुकुल यादव ने भावना सिंह पर गोली चला दी। गंभीर रूप से घायल भावना को आरोपी अस्पताल छोड़कर फरार हो गए, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।
पुलिस ने बरामद किए डिजिटल सबूत और हथियार
हत्या की जांच के दौरान पुलिस ने महालक्ष्मी नगर स्थित फ्लैट की तलाशी ली, जहां से भारी मात्रा में डिजिटल उपकरण और बैंकिंग दस्तावेज बरामद हुए। 28 अलग-अलग कंपनियों के मोबाइल फोन कई लैपटॉप, 60 से अधिक बैंक खातों की पासबुक, 50 से ज्यादा एटीएम कार्ड, हत्या में इस्तेमाल पिस्तौल और जिंदा कारतूस इसमें शामिल हैं।
ग्वालियर की रहने वाली थी भावना सिंह
भावना सिंह मूल रूप से ग्वालियर की रहने वाली थी और इंदौर में ब्यूटीशियन का कोर्स कर रही थी। आरोपी उसे पहले से जानते थे और अक्सर महालक्ष्मी नगर स्थित फ्लैट में मुलाकात करते थे।
पुलिस की सटीक रणनीति से हुआ खुलासा
हत्या के बाद आरोपी हिमाचल प्रदेश के कुल्लू जिले के कसोल में जाकर छिप गए थे, लेकिन पुलिस ने लोकेशन ट्रेस कर उन्हें घेर लिया। ग्वालियर भागने की कोशिश कर रहे तीनों आरोपियों को पुलिस ने आखिरकार गिरफ्तार कर लिया।
जल्द चार्जशीट होगी दाखिल
पुलिस ने तीनों आरोपियों को रिमांड पर लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। हत्या में इस्तेमाल हथियार और सट्टेबाजी से जुड़े डिजिटल साक्ष्य मिलने के बाद पुलिस जल्द ही चार्जशीट तैयार कर कोर्ट में पेश करेगी।