Shivani Gupta
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Manisha Dhanwani
1 Dec 2025
वॉशिंगटन। वर्तमान में विश्व की जनसंख्या लगभग 800 करोड़ के पार है। इनमें 200 करोड़ लोग तो मुस्लिम और ईसाई धर्म को मानने वाले हैं, जबकि लगभग 150 करोड़ जनसंख्या हिन्दुओं की मानी जाती है। इसबीच अमेरिकन रिसर्च सेंटर प्यू की रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि अमेरिका में हाल के वर्षों में मुसलमानों की जनसंख्या में दोगुना इजाफा हुआ है। हालांकि अमेरिका की जनगणना में धर्म से संबंधित आंकड़े इकट्ठा नहीं किए जाते। यह सर्वे रिलिजियस लैंडस्केप स्टडी (आरएलएस) के माध्यम से किया गया। सर्वे के मुताबिक अमेरिका में पिछले कुछ दशकों में धार्मिक आस्था में गिरावट देखी गई थी, लेकिन 2020 के बाद से यह स्थिर हो गई है।
अमेरिकन रिसर्च सेंटर प्यू की रिपोर्ट के अनुसार अमेरिका में एक बड़ी तादाद ऐसी भी है, जो किसी भी धर्म को नहीं मानती। किसी भी धर्म को ना मानने वालों को नन्स कहा जाता है। बता दें, नन्स एक ग्रुप है, जिसमें नास्तिक, अज्ञेयवादी और ऐसे लोग शामिल हैं, जो किसी भी धर्म को नहीं मानते। इस समय अमेरिका की 29 प्रतिशत आबादी इस कैटेगरी में रहती है।
इसबीच प्यू रिसर्च सेंटर ने अपने सर्वे में यह भी दावा किया है कि पिछले 3 सालों में अमेरिका में यहूदियों और मुसलमानों के खिलाफ भेदभाव में वृद्धि देखी गई। 2021 में जहां 20% अमेरिकी वयस्क मानते थे कि यहूदियों के साथ बहुत भेदभाव होता है, आज यह आंकड़ा 40% तक पहुंच गया है। 44% अमेरिकी मानते हैं कि मुसलमानों को भी भेदभाव का सामना करना पड़ता है।
1.7 फीसदी लोग खुद को मानते हैं यहूदी : सर्वे में 1.7% अमेरिकी खुद को यहूदी के रूप में मानते हैं। वहीं 1.2% मुस्लिम, 1.1% बौद्ध और 0.9% हिंदू मानते हैं। लगभग दोगुना हुई मुस्लिम आबादी : 2007 में अमेरिका की मुस्लिम जनसंख्या 0.4% थी, जो 2014 में 0.9% हो गई, लेकिन 2023-24 में यह बढ़कर 1.2% हो गई है। यानी 16-17 वर्षों में जनसंख्या दोगुनी हुई है।