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हिमाचल और जम्मू-कश्मीर में भारी बर्फबारी, स्कूल बंद, सैकड़ों सड़कें और ट्रांसफार्मर ठप, 3 मार्च को फिर बारिश के आसार

नई दिल्ली। देश के पहाड़ी राज्यों में मौसम का मिजाज बिगड़ा हुआ है। हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर में भारी बारिश और बर्फबारी के चलते जनजीवन प्रभावित हो गया है। हिमाचल के ऊंचाई वाले इलाकों में तीन दिन से लगातार बर्फबारी हो रही है, जबकि निचले क्षेत्रों में बारिश जारी है। वहीं, जम्मू-कश्मीर में भी भारी बर्फबारी दर्ज की गई है। मौसम विभाग ने 3 मार्च को फिर से बारिश और बर्फबारी की संभावना जताई है, जबकि 5 और 6 मार्च को मौसम साफ रहने की उम्मीद है।

बर्फबारी से 650 से ज्यादा सड़कें

हिमाचल प्रदेश में भारी बर्फबारी के कारण कई सड़कें बंद हो गई हैं। स्टेट इमरजेंसी ऑपरेशन सेंटर के मुताबिक, राज्य में तीन दिन की बर्फबारी के कारण 650 से ज्यादा सड़कें बंद हो गई हैं। इसके अलावा, 2300 से अधिक ट्रांसफार्मर ठप हो गए हैं, जिससे बिजली आपूर्ति बुरी तरह प्रभावित हुई है।

बद्रीनाथ नेशनल हाईवे भी बर्फबारी के कारण बंद हो गया है। कांगड़ा और कुल्लू जिलों में बादल फटने से बाढ़ आ गई, जिसमें 10 से ज्यादा वाहन बह गए। चंबा और मनाली में हालात खराब होने के चलते स्कूल-कॉलेज बंद कर दिए गए हैं। हालांकि, CBSE बोर्ड परीक्षाएं अपने तय शेड्यूल के अनुसार ही होंगी।

जम्मू-कश्मीर में 113 CM तक बर्फबारी

जम्मू-कश्मीर में 25 से 28 फरवरी के दौरान गुलमर्ग में सबसे ज्यादा 113 सेमी और सोनमर्ग में 75 सेमी बर्फबारी दर्ज की गई। भारी बर्फबारी के कारण सरकार ने स्कूलों की विंटर वैकेशन को 6 दिन के लिए बढ़ा दिया है। इसके अलावा, 10वीं से 12वीं कक्षा की 1 और 3 मार्च को होने वाली परीक्षाओं को स्थगित कर दिया गया है। अब ये परीक्षाएं 24 और 25 मार्च को आयोजित की जाएंगी।

भारी बारिश से जलस्तर बढ़ा

लगातार हो रही बारिश के कारण सर्दियों में हुई बारिश की कमी लगभग 50% तक पूरी हो गई है। नदियों और जलाशयों का जलस्तर 3 से 4 फीट तक बढ़ गया है, जिससे पानी की किल्लत से जूझ रहे इलाकों को राहत मिलेगी। रामबन जिले के बटोत में सबसे अधिक 163.7 मिमी बारिश दर्ज की गई। कटरा में 118 मिमी और बनिहाल में 100 मिमी बारिश हुई। पंजाब और हरियाणा में भी इस बदलाव का असर पड़ा है।

मार्च में पड़ेगी अधिक गर्मी

मौसम विभाग ने इस साल मार्च में सामान्य से अधिक गर्मी पड़ने की आशंका जताई है। अधिकांश हिस्सों में तापमान सामान्य से अधिक रह सकता है और कुछ इलाकों में लू भी चल सकती है। इसका कारण यह है कि फरवरी 2024 में औसत तापमान सामान्य से 1.34 डिग्री अधिक रहा, यानी 22.04 डिग्री सेल्सियस। इसके अलावा, इस साल फरवरी में केवल 10.9 मिमी बारिश हुई, जो 1901 के बाद से 18वीं सबसे कम बारिश दर्ज की गई है।

मैदानी इलाकों में भी मौसम का असर

पहाड़ी राज्यों में बदले मौसम का असर मैदानी इलाकों पर भी पड़ा है। पंजाब और हरियाणा के कई जिलों में बारिश के कारण तापमान में गिरावट आई है। चंडीगढ़ में 10.9 मिमी बारिश दर्ज की गई, जिससे तापमान में 3 डिग्री की गिरावट आई। पंजाब के अमृतसर में 17.5 मिमी, गुरदासपुर में 20.7 मिमी और होशियारपुर में 20.5 मिमी बारिश हुई।

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