
अयोध्या। उत्तर प्रदेश के अयोध्या में 22 जनवरी को राम मंदिर में होने जा रहे प्राण-प्रतिष्ठा को लेकर तैयारियां जोरों पर हैं। इसी बीच निर्माणाधीन राम मंदिर के सोने के दरवाजे की पहली तस्वीर सामने आई है। यह दरवाजा राम लला के गर्भ गृह का मुख्य द्वार है। जानकारी के मुताबिक अगले तीन दिनों में ऐसे 13 और दरवाजे लगेंगे। राम मंदिर में लगा यह पहला दरवाजा के सोने की प्लेटिंग का है, जो कि करीब 8 फीट ऊंचा और 12 फीट चौड़ा है।
दरवाजे में क्या है खास ?
श्री राम जन्मभूमि मंदिर में नक्काशीदार दरवाजे लगाए जा रहे हैं। तस्वीर सामने आई है उसमें दिख रहा है कि दरवाजों पर विष्णु कमल, वैभव प्रतीक गज अर्थात हाथी, प्रणाम स्वागत मुद्रा में अंकित हैं। उसके ऊपरी हिस्से में महलनुमा आकृति बनी है जिसमें दो सेवादार हाथ जोड़े खड़े हैं। दरवाजे के निचले हिस्से में चार खाने में सुंदर कलाकृतियां बनी हैं जोकि मन को मोह रही हैं।
बताया जा रहा है कि राम मंदिर में कुल 46 दरवाजे लगेंगे, जिसमें से 42 पर 100 किलो ग्राम सोने की परत चढ़ाई जाएगी। सीढ़ियों के पास 4 दरवाजे लगेंगे। इन पर सोने की परत नहीं होगी। इन दरवाजों को महाराष्ट्र की सागौन की लकड़ी से बनाया गया है। इन पर हैदराबाद के कारीगरों ने नक्काशी का काम किया है।
नहीं खुलेंगी शराब की दुकानें
उत्तर प्रदेश में 22 जनवरी को श्री रामलला प्राण-प्रतिष्ठा समारोह ‘राष्ट्रीय उत्सव’ के तौर पर मनाया जाएगा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा है कि 22 जनवरी को शिक्षण संस्थाओं में अवकाश रहेगा। प्राण-प्रतिष्ठा के दिन प्रदेश में मदिरा की बिक्री भी नहीं होगी। मुख्यमंत्री ने मंगलवार को ये आदेश जारी किए हैं। आदेश में कहा कि अयोध्या में अगंतुकों को अविस्मरणीय अतिथि सत्कार मिलेगा। साथ ही 22 जनवरी को सभी सरकारी भवनों की साज-सज्जा कराई जाए, आतिशबाजी के भी प्रबंध हों। मुख्यमंत्री 14 जनवरी को अयोध्या में स्वच्छ्ता अभियान की शुरुआत करेंगे
राम मंदिर की विशेषताएं
अयोध्या में बन रहे राम मंदिर की कई विशेषताएं हैं। श्रीराम जन्मभूमि ट्रस्ट की ओर इसकी जानकारी दी गई है। ट्रस्ट के अनुसार राम मंदिर परम्परागत नागर शैली में बनाया जा रहा है। इस मंदिर की लंबाई (पूर्व से पश्चिम) 380 फीट, चौड़ाई 250 फीट तथा ऊंचाई 161 फीट है। मंदिर का निर्माण तीन मंजिला तक है। प्रत्येक मंजिल की ऊंचाई 20 फीट रखी गई है। राम मंदिर में मुख्य गर्भगृह में प्रभु श्रीराम का बाल रूप तथा प्रथम तल पर श्री राम दरबार होगा। जानें विशेषताएं…
- मंदिर में कुल 392 खंभे व 44 द्वार होंगे।
- खंभों व दीवारों पर देवी और देवताओं तथा देवांगनाओं की मूर्तियां उकेरी जा रही हैं।
- दिव्यांगजन एवं वृद्धों के लिए मंदिर में रैम्प व लिफ्ट की व्यवस्था है।
- मंदिर के निर्माण में लोहे का प्रयोग नहीं हुआ है।
- मंदिर के नीचे 14 मीटर मोटी रोलर कॉम्पैक्टर कंक्रीट (RCC) बिछाई गई है। जिसे कृत्रिम चट्टान का रूप दिया गया है।
- 25 हजार क्षमता वाले एक दर्शनार्थी सुविधा केंद्र का भी निर्माण किया जा रहा है।
- मंदिर के चारों ओर आयताकार परकोटा रहने वाला है।
- परकोटा के चारों कोनों पर सूर्यदेव, मां भगवती, गणपति व भगवान शिव को समर्पित चार मंदिरों का निर्माण किया गया है।
- उत्तरी भुजा – मां अन्नपूर्णा का मंदिर रहेगा।
- दक्षिण भुजा – हनुमान जी का मंदिर रहेगा।
मंदिर में 5 होंगे मंडप
- नृत्य मंडप
- रंग मंडप
- सभा मंडप
- प्रार्थना मंडप
- कीर्तन मंडप
मंदिर परिसर में प्रस्तावित अन्य मंदिर
- महर्षि वाल्मीकि
- महर्षि वशिष्ठ
- महर्षि विश्वामित्र
- महर्षि अगस्त्य
- निषादराज
- माता शबरी
- ऋषिपत्नी देवी अहिल्या
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