
विनेश फोगाट 100 ग्राम वजन अधिक होने के कारण पेरिस ओलंपिक से बाहर हो गई थीं। यौन उत्पीड़न के आरोपों को लेकर भारतीय कुश्ती महासंघ के पूर्व अध्यक्ष बृजभूषण सिंह के खिलाफ आंदोलन करने पर भी विनेश फोगाट को कोई खास सफलता हाथ नहीं लगी। लेकिन अब वो राजनीति में अपनी जीत दर्ज कर चुकी हैं। विनेश ने जुलाना विधानसभा सीट से कांग्रेस के टिकट पर चुनाव लड़ा था। उन्होंने बीजेपी के उम्मीदवार कैप्टन योगेश बैरागी को 6015 वोटों से हराया। इस जीत से विनेश के राजनीतिक सफर की जोरदार शुरुआत हुई है।
ओलंपिक से निराशा तो राजनीति में सफलता
हरियाणा की जनता ने विनेश को राजनीति में एक नया मौका दिया है। मतगणना के दौरान कई उतार-चढ़ाव के बाद आखिरकार उन्होंने अपने प्रतिद्वंद्वी योगेश बैरागी को परास्त कर जीत दर्ज की। विनेश के राजनीतिक सफर की शुरुआत दिल्ली एयरपोर्ट से ही हो गई थी, जब ओलंपिक से लौटने के बाद उनका स्वागत करने के लिए बजरंग पूनिया, साक्षी मलिक जैसे खिलाड़ी वहां मौजूद थे। इस दौरान हरियाणा के कांग्रेस नेता दीपेंद्र हुड्डा भी उनके साथ नजर आए, जिसने उनकी राजनीति में शामिल होने की अटकलों को हवा दी।
थामा कांग्रेस का दामन
विनेश फोगाट ने 6 सितंबर को आधिकारिक तौर पर कांग्रेस पार्टी जॉइन की और उसी दिन उन्हें जुलाना विधानसभा से प्रत्याशी घोषित किया गया। वह किसान आंदोलन में भी गईं और धरने पर बैठे लोगों को अपना समर्थन दिया। राजनीति में उतरते ही उन्होंने अपना पूरा रूप बदल लिया। पहले मैट पर नजर आने वाली विनेश अब सूट और दुपट्टा पहने जनता के बीच वोट मांगती दिखीं। खुद को भारत की बेटी कहने वाली विनेश, अब जींद की बहू बन गई। उन्होंने बड़े-बूढ़ों से अपने साथ हुई नाइंसाफी की बात की और जनता से समर्थन मांगा।
विनेश ने की जुलाना में रैलियां
चुनाव से पहले विनेश ने जुलाना में कई रैलियां कीं और कांग्रेस के लिए वोट मांगे। इस दौरान उन्होंने पेरिस ओलंपिक में हुए अपने डिस्क्वालिफिकेशन का मुद्दा उठाया। पीएम मोदी और इंडियन ओलंपिक एसोसिएशन की अध्यक्ष पीटी उषा को मेडल गंवाने का कारण बताया। विनेश ने बार-बार कहा कि उनका मेडल न आ पाने का मुख्य कारण भारतीय सरकार का सही समय पर समर्थन न मिलना था। उनके प्रति लोगों की हमदर्दी ने वोटों में तब्दील होकर उन्हें जीत दिलाई।
बृजभूषण के खिलाफ आंदोलन
विनेश फोगाट और बृजभूषण शरण सिंह के बीच का झगड़ा तब उभरा जब विनेश और अन्य महिला पहलवानों ने भारतीय कुश्ती महासंघ (WFI) के पूर्व अध्यक्ष बृजभूषण यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोप लगाए। जनवरी 2023 में, विनेश ने आरोप लगाया कि बृजभूषण ने कई महिला पहलवानों का शोषण किया है और उनकी शिकायतों को नजरअंदाज किया गया। इस विवाद को लेकर कई पहलवानों ने दिल्ली के जंतर मंतर पर धरना दिया। हालांकि, बृजभूषण हमेशा इन आरोपों को नकारते रहे हैं। विनेश के राजनीति में एंट्री के बाद बृजभूषण ने अपने खिलाफ किए गए रेसलर आंदोलन को साजिश करार दिया था।
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