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ज्ञानेश कुमार बने नए मुख्य चुनाव आयुक्त, राहुल गांधी ने जताई असहमति, जानिए कांग्रेस को क्यों हो रही दिक्कत?

नई दिल्ली। भारत के नए मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) के रूप में पूर्व आईएएस अधिकारी ज्ञानेश कुमार की नियुक्ति की गई है। सरकार द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार, ज्ञानेश कुमार अब राजीव कुमार की जगह लेंगे। मौजूदा CEC राजीव कुमार आज रिटायर हो रहे हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृहमंत्री अमित शाह और कांग्रेस नेता राहुल गांधी की तीन सदस्यीय समिति ने सोमवार को यह फैसला लिया। हालांकि, यह निर्णय 2:1 के बहुमत से हुआ, क्योंकि राहुल गांधी ने इस प्रक्रिया पर असहमति जताई।

राहुल गांधी ने क्यों जताई असहमति?

कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने इस नियुक्ति पर आपत्ति दर्ज कराते हुए कहा कि जब तक सुप्रीम कोर्ट में चयन प्रक्रिया को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर फैसला नहीं आ जाता, तब तक इस प्रक्रिया को स्थगित करना चाहिए था। उल्लेखनीय है कि पहले मुख्य चुनाव आयुक्त की नियुक्ति में चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (CJI) की भूमिका होती थी, लेकिन केंद्र सरकार ने पिछले साल कानून में बदलाव कर CJI को चयन समिति से हटा दिया था। इस बदलाव पर कांग्रेस समेत कई विपक्षी दलों ने आपत्ति जताई थी और मामला सुप्रीम कोर्ट में लंबित है।

कांग्रेस की प्रतिक्रिया

कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल ने इस निर्णय को संविधान की भावना और सुप्रीम कोर्ट के आदेशों के खिलाफ बताया। उन्होंने कहा, “आधी रात को जल्दबाजी में सरकार ने नए मुख्य चुनाव आयुक्त की नियुक्ति की अधिसूचना जारी कर दी है। यह हमारे संविधान की भावना के खिलाफ है। सुप्रीम कोर्ट ने कई मामलों में यह दोहराया है कि चुनाव प्रक्रिया की निष्पक्षता बनाए रखने के लिए, मुख्य चुनाव आयुक्त को निष्पक्ष हितधारक होना चाहिए।”

सरकार पर लगाए आरोप

कांग्रेस का आरोप है कि सरकार ने यह नियुक्ति जल्दबाजी में की है ताकि सुप्रीम कोर्ट के संभावित आदेश से बचा जा सके। कांग्रेस का कहना है कि चुनाव आयोग जैसी संवैधानिक संस्था को राजनीतिक प्रभाव से मुक्त रहना चाहिए।

कांग्रेस ने नए मुख्य चुनाव आयुक्त (सीईसी) की नियुक्ति की अधिसूचना को लेकर सरकार पर निशाना साधते हुए इसे केंद्र की मनमानी करार दिया और कहा कि भाजपा सरकार हर कदम पर संविधान की भावना को ठेस पहुंचा रही है। पार्टी ने कहा कि जब सीईसी की नियुक्ति से संबंधित मामले की सुनवाई बुधवार को सुप्रीम कोर्ट में होनी है तो सरकार को नियुक्ति सम्बन्धी फैसले को एक दिन के लिए स्थगित करने में दिक्कत नहीं होनी चाहिए थी।

कौन हैं ज्ञानेश कुमार?

ज्ञानेश कुमार 1988 बैच के केरल कैडर के सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी हैं। वे गृह मंत्रालय में अपनी सेवाएं दे चुके हैं और संसदीय कार्य मंत्रालय और सहकारिता मंत्रालय में सचिव के रूप में कार्य कर चुके हैं। उनके कार्यकाल के दौरान उन्होंने अनुच्छेद 370 हटाने और अयोध्या में राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की स्थापना में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी।

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