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Gwalior News : खुद को केंद्रीय मंत्री का पीए बताकर ट्रांसफर के नाम पर फ्रॉड करने वाला पुष्पेंद्र दीक्षित गिरफ्तार, तबादले के लिए एप्रोच करने वाले दो इंस्पेक्टर सस्पेंड, 5 मोबाइल समेत 1 लाख रुपए जब्त

प्रभावशाली लोगों के साथ तस्वीरें वायरल कर लोगों को देता था झांसा, क्राइम ब्रांच ग्वालियर की कार्रवाई

ग्वालियर। खुद को एक केंद्रीय मंत्री का पीए (निज सहायक) बताकर लोगों का मनचाही जगह ट्रांसफर कराने का झांसा देकर ठगने वाले एक शातिर को ग्वालियर पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। पुष्पेंद्र दीक्षित नाम का ये शख्स बड़े और प्रभावशाली लोगों के साथ अपने फोटो और वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल कर अधिकारियों और कर्मचारियों को झांसे में ले लेता था। उसके बाद ट्रांसफर के नाम पर उनसे मोटी रकम ऐंठ कर फरार हो जाता था। इस शातिर ठग के पकड़े जाने के साथ ही इससे तबादले के लिए एप्रोच करने वाले दो पुलिस इंस्पेक्टरों को भी आला अफसरों ने सस्पेंड कर दिया है।

इस तरह देता था ठगी का वारदात को अंजाम

पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक, क्राइम ब्रांच को लंबे समय से ये इनपुट मिल रहे थे कि जिले का एक व्यक्ति धार्मिक वेशभूषा धर कर प्रभावशाली लोगों के साथ अपने फोटो और वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल कर रहा है। साथ ही यह व्यक्ति खुद को केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह का पीए बताता है। क्राइम ब्रांच को इस संबंध में ये भी पुख्ता जानकारी मिली थी कि यह कई विभागों को अफसरों को अपने झांसे में ले रहा है।

इसके बाद क्राइम ब्रांच ने प्लान बनाकर डबरा थाने के टेकनपुर गांव में छापा मारकर यहां से पुष्पेंद्र दीक्षित नाम के शख्स को हिरासत में लिया। पूछताछ में उसने खुलासा किया कि कि वह केंद्रीय मंत्री के पीएम के रूप में अपनी गलत पहचान बताकर पुलिस (गृह) और अन्य विभागों में पदस्थ कर्मचारियों और अफसरों के ट्रांसफर के नाम पर जाली दस्तावेज बनाता है। साथ ही वह दूसरों के नाम पर ली गई सिम के जरिए आला अफसरों को ट्रांसफर के मैसेज भेजता है।

DGP, स्पेशल DG को भेजे दो इंस्पेक्टर के ट्रांसफर के लिए मैसेज

पुष्पेंद्र ने एमपी के डीजीपी, स्पेशल डीजी (प्रशासन) को भी मोबाइल पर मैसेज भेजे थे। इस मैसेज में उसने खुद को केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह का निज सहायक जयकिशन बताया था। फर्जी दस्तावेजों के जरिए ली गई सिम के जरिए भेजे गए मैसेज में पुष्पेंद्र ने पुलिस इंस्पेक्टर विनय यादव का ट्रांसफर शिवपुरी से भिंड और पंकज त्यागी का तबादला गुना से ग्वालियर करने को कहा था। इस मैसेज के बाद जब डीजीपी के निर्देश पर मामले की छानबीन की गई तो पुष्पेंद्र की सच्चाई सामने आ गई।

5 मोबाइल और 1 लाख रुपए जब्त

पुष्पेंद्र ने न केवल डीजीपी को ट्रांसफर के मैसेज किए बल्कि बाद में केंद्रीय मंत्री के नाम का हवाला देकर दोनों निरीक्षकों के ट्रांसफर का फॉलोअप भी मांग लिया। इसके बाद जब पुष्पेंद्र को अरेस्ट किया तो उसके पास से पांच मोबाइल और एक लाख रुपए नगद बरामद हुए, जिसे पुलिस ने जब्त कर लिया है। फिलहाल, पुलिस उसके मोबाइल फोन की डिटेल खंगालने में जुटी है, ताकि इस शातिर ठग की और भी वारदातों का खुलासा हो सके। पुलिस को इस शातिर के पास से कई आधार कार्ड एवं अन्य विभागों के लिये बनाए गये लेटर और डॉक्य़ूमेंट भी मिले हैं, जिनकी जांच जारी है।

हालांकि, पुलिस को अब तक मिली जानकारी के मुताबिक दिसंबर 2016 में इसने खुद को तत्कालीन केंद्रीय विदेश मंत्री का निज सचिव बताकर विदेश मंत्रालय (External affairs) के ऑफिस से बीएसएफ के डीजी को कर्मचारियों के ट्रांसफर के लिए एक जाली पत्र भेज दिया था। इस मामले में पुष्पेंद्र के खिलाफ साउथ दिल्ली के लोधी कॉलोनी पुलिस स्टेशन में धोखाधड़ी समेत अन्य धाराओं में केस दर्ज हैं। ताजा मामले में पुष्पेंद्र दीक्षित के खिलाफ क्राइम ब्रांच ग्वालियर थाने में बीएनएस के तहत धारा 238, 318(2), 319(2) ,336(3) ,338, 340(2), 66 सी, 66 डी आईटी एक्ट के तहत केस दर्ज कर लिया  गया है।

तबादले की चाह रखने वाले दो इंस्पेक्टर हुए सस्पेंड

पुष्पेंद्र के झांसे में आकर खुद का तबादला मनचाही जगह कराने का प्रयास करने वाले दो इंस्पेक्टर भी इस केस में सस्पेंड कर दिए गए हैं। पुलिस ने बैराढ़ जिला शिवपुरी में पदस्थ ताना प्रभारी विनय यादव और थाना प्रभारी जामनेर जिला गुना पंकज त्यागी को इस ठग से संपर्क रखने के मामले में निलंबित कर संबंधित जिलों की पुलिस लाइन में अटैच कर दिया गया है।

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