
डबरा (ग्वालियर)। जसवंत सिंह गिल उर्फ सोनी सरदार की हत्या के मामले में ग्वालियर पुलिस ने बड़ी सफलता हासिल की है। इस मामले में ग्वालियर पुलिस ने पंजाब पुलिस के स्पेशल ऑपरेशन सेल, एंटी गैंगस्टर टास्क फोर्स और फरीदकोट थाने के साथ संयुक्त अभियान में आरोपियों को मोहाली से गिरफ्तार किया गया। गिरफ्तार आरोपी नवजोत सिंह और अमलप्रीत सिंह कनाडा के एक गैंग से जुड़े बताए गए हैं एवं फरीदकोट में एक अन्य हत्या मामले में फरार चल रहे थे। दोनों को जल्द ग्वालियर लाकर पूछताछ की जाएगी।
क्या है घटना ?
ग्वालियर पुलिस ने पूरे मामले का खुलासा करते हुए जानकारी दी कि बीते 7 नवंबर को डबरा की गोपाल बाग सिटी में जसवंत सिंह गिल की उनके घर के बाहर तीन गोलियां मारकर हत्या कर दी गई थी। घटना उस समय हुई, जब जसवंत खाना खाने के बाद टहल रहे थे। बाइक पर सवार दो अज्ञात व्यक्ति वहां पहुंचे, जिनमें से एक ने उतरकर जसवंत को आवाज दी। जैसे ही जसवंत पलटा, आरोपी ने एक के बाद एक तीन गोलियां मार दी। फिर बाइक पर बैठकर दोनों भाग निकले। जसवंत की मौके पर ही मौत हो गई थी। घटना पास के सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई थी।
सीसीटीवी फुटेज से हुई पहचान
घटना के बाद पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज और स्थानीय लोकेशन की जांच की। आरोपियों की लोकेशन टेकनपुर के एक होटल में मिली थी। फुटेज में आरोपियों की बॉडी लैंग्वेज और कद-काठी सिखों जैसी दिखने पर पुलिस ने पंजाब कनेक्शन पर जांच शुरू की। इस बीच, ग्वालियर एसपी धर्मवीर सिंह के नेतृत्व में एक विशेष टीम को पंजाब भेजा गया। जांच में आरोपियों की पहचान बरनाला के नवजोत सिंह और अमलप्रीत सिंह के रूप में हुई। आरोपियों को मोहाली से गिरफ्तार किया गया।
हत्या का बदला लेने की आशंका
एसपी धर्मवीर सिंह ने बताया कि जसवंत ने 2016 में अपनी पत्नी के ममेरे भाई की हत्या की थी। आशंका है कि इस हत्या का बदला लेने के लिए यह घटना हुई। दोनों आरोपियों को पंजाब की अदालत में पेश करने के बाद ग्वालियर लाया जाएगा। एसपी ने कहा कि आरोपियों से पूछताछ के दौरान हत्या के पीछे के पूरे षड्यंत्र का खुलासा होगा।