
गुना। मध्य प्रदेश में भू-माफिया और वन भूमि पर अवैध कब्जे के खिलाफ सख्त रुख अपनाते हुए गुना जिले के वन विभाग ने बुधवार को एक बड़ी कार्रवाई की। इस अभियान में 200 बीघा वन भूमि को अतिक्रमण मुक्त किया गया। कार्रवाई के दौरान भारी संख्या में पुलिस बल, अग्निशमन वाहन, वज्र वाहन, एंबुलेंस, और अश्रु गैस दल तैनात किए गए। यह अभियान डीएफओ अक्षय राठौर के मार्गदर्शन और बीनागंज रेंजर सौरभ द्विवेदी के नेतृत्व में घंटों तक चला। इसमें राजस्व, पुलिस और वन विभाग की संयुक्त टीम ने हिस्सा लिया। अतिक्रमण हटाने की यह कार्रवाई परिक्षेत्र बीनागंज के कुंभराज बीट की खजूरी खेड़ी वन भूमि पर की गई।
अतिक्रमण के खिलाफ निरंतर अभियान
गुना वन मंडल के अंतर्गत रेंजर सौरभ द्विवेदी द्वारा लंबे समय से वन भूमि पर अवैध कब्जों के खिलाफ अभियान चलाया जा रहा है। बुधवार को की गई कार्रवाई इस अभियान का 11वां चरण था। इससे पहले, पागड़ीघटा में 200 बीघा, बटावदा में 150 बीघा, चारणपुरा में 80 बीघा, सागोडिया में 90 बीघा और चांचौड़ा में 15 बीघा भूमि अतिक्रमण मुक्त करवाई जा चुकी है। सूत्रों के अनुसार, इन कब्जों को हटाने से पहले सभी कानूनी प्रक्रियाओं का पालन किया गया था।
टास्क फोर्स की अहम भूमिका
जिला प्रशासन ने वन भूमि से अतिक्रमण हटाने के लिए जिला स्तरीय टास्क फोर्स का गठन किया है। इस फोर्स में कलेक्टर, पुलिस अधीक्षक और वन मंडल अधिकारी शामिल हैं। पागड़ीघटा की भूमि पर कार्रवाई का प्रस्ताव वर्ष 2023 में टास्क फोर्स द्वारा पारित किया गया था। हालांकि, विधानसभा और लोकसभा चुनावों के कारण यह अभियान स्थगित रहा।
पूर्व में कार्रवाई के दौरान हो चुके हैं हमले
वन विभाग की कार्रवाई के दौरान हिंसक घटनाएं भी सामने आई हैं। दिसंबर 2022 में पागड़ीघटा में अतिक्रमण रोकने के लिए खंती खुदाई के दौरान वन विभाग के अमले पर प्राणघातक हमला हुआ था। स्थानीय लोगों ने लाठी-डंडों और पत्थरों से हमला किया, जिसमें कई वनकर्मी घायल हो गए थे। एक डिप्टी रेंजर को गंभीर चोटें आईं, और उन्हें तीन महीने तक इलाज करवाना पड़ा। इस मामले में 10 नामजद आरोपियों के खिलाफ मृगवास थाने में प्रकरण दर्ज किया गया था।
बेहतर तालमेल से संभव हो सकी कार्रवाई
वन विभाग की जमीनों से अतिक्रमण हटाने के दौरान वन विभाग, पुलिस और राजस्व विभाग के बीच तालमेल की कमी अक्सर देखने को मिलती है। कई बार वन विभाग को पुलिस और प्रशासन का अपेक्षित सहयोग नहीं मिलता, जिससे झड़पें होती हैं। लेकिन बीनागंज रेंज इस मामले में अलग उदाहरण प्रस्तुत करता है। यहां रेंजर सौरभ द्विवेदी ने विभागीय अधिकारियों और पुलिस के साथ अच्छे संबंध बनाए रखे हैं, जिससे हर अभियान में उन्हें पूरा सहयोग मिलता है। यही वजह है कि उनके प्रयासों को मुख्यालय भोपाल द्वारा 2021, 2022 और 2023 में गणतंत्र दिवस पर सम्मानित किया गया।
आगे भी जारी रहेगी कार्रवाई
गुना जिले में भू-माफिया और अतिक्रमणकारियों के खिलाफ सख्त कार्यवाही जारी रहेगी। शासन ने वन विभाग को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि वह किसी भी प्रकार के अतिक्रमण को बर्दाश्त न करे। बीनागंज रेंज की सफलता को देखते हुए यह उम्मीद की जा रही है कि अन्य क्षेत्रों में भी इस तरह की कार्रवाई तेज की जाएगी। विगत दिवस गुना केंद्रीय मंत्री एवं सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया द्वारा गुना दौरे के दौरान भी भू-माफिया के विरुद्ध सख़्ती अख़्तियार करने के निर्देश दिये गये थे। बहरहाल जिले में वन भूमि को अवैध कब्जों से मुक्त कराने के लिए प्रशासन, पुलिस और वन विभाग का संयुक्त प्रयास प्रशंसनीय है। इस अभियान से न केवल वन क्षेत्र सुरक्षित रहेगा, बल्कि यह अवैध कब्जेदारों को कड़ा संदेश भी देगा।
हमें अतिक्रमण को हटाना तो होगा ही साथ ही साथ अतिक्रमण को रोकना भी होगा। जिससे की वन को बचाया जा सके और कोरोना जैसी महामारी पुन: ना देखनी पड़े। और ये सब संभव तभी होगा जब हम मिल कर वनों के हित में कार्य करेंगे । देश भक्ति – वनसेवा ही मेरा ध्येय है।
– सौरभ द्विवेदी, रेंजर बीनागंज
(इनपुट – राजकुमार रजक)
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