
गुना जिले की कुंभराज मंडी, जो अपनी विश्वस्तरीय धनिया की गुणवत्ता के लिए मशहूर है, इन दिनों किसानों के लिए मुसीबत बन गई है। मंडी में पीने के पानी और छांव जैसी बुनियादी सुविधाओं की कमी है, जिससे किसान भीषण गर्मी में परेशान हैं।
मंडी सचिव की लापरवाही बनी समस्या
किसानों का कहना है कि मंडी सचिव सुबह 11 बजे आते हैं और सिर्फ 4 बजे ही चले जाते हैं। ज्यादातर समय वे गुना में रहते हैं, जिससे मंडी की व्यवस्थाओं पर सही ध्यान नहीं दिया जा रहा।
धनिया की नीलामी ठप, किसान परेशान
सबसे बड़ी समस्या यह है कि पिछले दो दिनों से धनिया की नीलामी नहीं हो रही। किसान मंडी में अपनी उपज बेचने के लिए इंतजार कर रहे हैं, लेकिन बोली (नीलामी) ही नहीं लग रही। इससे उनकी आर्थिक स्थिति प्रभावित हो रही है और खुले में पड़ा धनिया खराब होने का खतरा भी बढ़ रहा है।
हर दिन मंडी में हजारों बोरी धनिया की आवक
सूत्रों के मुताबिक, सोमवार और मंगलवार को 11 से 12 हजार बोरी धनिया की आवक हुई। लेकिन नीलामी बंद होने के कारण किसानों को भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है।
किसानों की मांग – सुविधाएं दी जाएं, नीलामी जल्द शुरू हो
किसानों ने प्रशासन से मांग की है कि मंडी में पानी और छांव की व्यवस्था की जाए। मंडी सचिव नियमित रूप से उपस्थित रहें। धनिया की नीलामी समय पर कराई जाए।
जल्द समाधान नहीं हुआ तो किसान करेंगे आंदोलन
अगर प्रशासन ने जल्द कोई ठोस कदम नहीं उठाया, तो किसान आंदोलन करने को मजबूर हो सकते हैं। गुना जिले को धनिया की राजधानी कहा जाता है, लेकिन अगर हालात ऐसे ही रहे, तो किसानों को भारी नुकसान उठाना पड़ेगा।