
गुजरात के मोरबी में हुए ब्रिज हादसे के बाद मंगलवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी यहां पहुंचे हैं। पीएम मोदी, गुजरात के सीएम भूपेंद्र पटेल के साथ मोरबी हादसे में घायलों से मिलने के लिए मोरबी के सिविल अस्पताल पहुंचे। जहां उन्होंने घायल लोगों से मुलाकात की और उनका हालचाल जाना। इससे पहले वे घटना वाली जगह पर पहुंचे और मच्छू नदी पर टूटे ब्रिज का मुआयना किया।
मोरबी में 30 अक्टूबर की शाम हुए पुल हादसे में अब तक 135 शव बरामद हुए हैं। अस्पताल परिसर में उन्होंने राहत और बचाव कार्य में लगी सेना, NDRF, SDRF की टीमों और स्थानीय लोगों से मुलाकात की।
पीएम #नरेंद्र_मोदी और #गुजरात के सीएम #भूपेंद्र_पटेल आज मोरबी में घटनास्थल पर पहुंचे और हादसे की जगह का मुआयना किया।
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मोरबी हादसे में अब तक 135 की मौत, 2 लापता
मोरबी में 30 अक्टूबर की शाम हुए ब्रिज हादसे में अब तक 135 शव बरामद हुए हैं। गुजरात सरकार के मुताबिक, 17 लोगों का अभी भी इलाज चल रहा है। 2 लोग अभी भी लापता हैं। सर्च और रेस्क्यू अभियान जारी है। मरने वालों में से एक पश्चिम बंगाल का है। ऐसे में कागजी कार्रवाई जारी है।
ब्रिज की लंबाई करीब 765 फीट है
मोरबी का यह सस्पेंशन ब्रिज 140 साल से भी ज्यादा पुराना है। ब्रिज की लंबाई करीब 765 फीट है। यह सस्पेंशन ब्रिज गुजरात के मोरबी ही नहीं बल्कि पूरे देश के लिए ऐतिहासिक धरोहर है। इस ब्रिज का उद्घाटन 20 फरवरी 1879 को मुंबई के गवर्नर रिचर्ड टेम्पल ने किया था। यह उस समय लगभग 3.5 लाख की लागत से 1880 में बनकर तैयार हुआ था। उस समय इस पुल को बनाने का पूरा सामान इंग्लैंड से ही मंगाया गया था।
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