Corona Vaccine: अटकलों पर लगा विराम, छह नहीं 9 महीने बाद ही लग सकेगी बूस्टर डोज

देश में कोरोना के मामले लगातार बढ़ते नजर आ रहे हैं। इसी बीच अब वैक्सीन की प्रीकॉशन डोज के समय को लेकर चल रहीं अटकलों पर विराम लग गया है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, दूसरी खुराक और एहतियाती खुराक के बीच मौजूदा अंतर को फिलहाल कम नहीं किया गया है। यानी पहले की तरह दोनों खुराकों के बीच का अंतर नौ महीने का ही रहेगा।
स्वास्थ्य मंत्रालय के आंकड़ों के मुताबिक अब तक 18-59 साल के आयु वर्ग में 5 लाख से ज्यादा लोगों को एहतियात की खुराक दी जा चुकी है। इसके अलावा, 4736567 स्वास्थ्य कर्मियों, 7447184 अग्रिम पंक्ति के स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं और 60 वर्ष और उससे अधिक उम्र के 14,545595 व्यक्तियों को एहतियाती खुराक लग गई है।
छह महीने के अंतर में बूस्टर डोज लगने की थी चर्चा
दरअसल, हाल ही में कुछ रिपोर्ट्स में दावा किया गया था कि दूसरी खुराक और एहतियाती खुराक के बीच के अंतर को कम किया जा सकता है। इसके लिए राष्ट्रीय तकनीकी सलाहकार समूह (एनटीएजीआई) द्वारा सिफारिश किए जाने की उम्मीद है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, आईसीएमआर और अन्य अंतरराष्ट्रीय शोध संस्थानों के अध्ययनों ने सुझाव दिया है कि दोनों खुराक के साथ प्राथमिक टीकाकरण से लगभग छह महीने बाद एंटीबॉडी स्तर कम हो जाता है और बूस्टर देने से प्रतिरक्षा प्रतिक्रिया बढ़ जाती है।10 जनवरी से टीकाकरण शुरू हुआ था
भारत में हेल्थकेयर और अग्रिम पंक्ति के स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं और 60 वर्ष और उससे अधिक आयु के लोगों को 10 जनवरी से टीकों की एहतियाती खुराक देना शुरू किया गया था। भारत ने 10 अप्रैल को निजी टीकाकरण केंद्रों पर 18 वर्ष से अधिक आयु के सभी लोगों को कोविड-19 टीकों की एहतियाती खुराक देना शुरू किया।
स्वास्थ्य मंत्रालय के आंकड़ों के मुताबिक अब तक 18-59 साल के आयु वर्ग में 5 लाख से ज्यादा लोगों को एहतियात की खुराक दी जा चुकी है। इसके अलावा, 4736567 स्वास्थ्य कर्मियों, 7447184 अग्रिम पंक्ति के स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं और 60 वर्ष और उससे अधिक उम्र के 14,545595 व्यक्तियों को एहतियाती खुराक लग गई है।











