
बिलासपुर। जब सरकारी बाबू एक ही दफ्तर में कई सालों तक जमे रहते हैं तब वे अपनी मनमानी करना शुरू कर देते हैं। ऐसा ही एक मामला छत्तीसगढ़ से सामने आया है। यहां रायपुर के एक सरकारी दफ्तर के कर्मचारी ने फरियादी से मारपीट की। इतना ही नही उसी के खिलाफ ही झूठा केस दर्ज करा दिया। जिसके बाद फरियादी हाईकोर्ट पहुंचा।
नोटिस जारी कर कोर्ट ने मांगा जबाव
फरियादी ने बताया कि रायपुर के क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय में पदस्थ क्लर्क कई सालों से एक ही जगह पर जमे हुए हैं और अपनी मनमानी चलाते हैं। कामकाज पर ध्यान नहीं देते। जब मैं अपनी फरियाद लेकर दफ्तर पहुंचा तो उन्होंने मुझसे मारपीट की और उसी के खिलाफ झूठा केस दर्ज करा दिया। जिसके बाद मामला हाईकोर्ट पहुंचा। अधिवक्ता की जानकारी के बाद हाईकोर्ट ने खमतराई थाना प्रभारी, रायपुर के क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी और राज्य शासन को नोटिस जारी कर जवाब मांगा।
तबादले का दिया आदेश
मामले की सुनवाई जस्टिस एनके व्यास के सिंगल बेंच ने की। जस्टिस व्यास ने क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी कीर्तिमान राठौर को जमकर फटकार लगाई। कोर्ट ने वर्षों से एक ही जगह पर जमे स्टाफ को तत्काल प्रभाव से तबादले का आदेश दिया। वहीं खमतराई थाना प्रभारी की गैरमौजूदगी को लेकर कोर्ट ने नाराजगी जताई। राज्य शासन के वकील ने बताया कि वीआइपी ड्यूटी में होने के कारण कोर्ट में उपस्थित नहीं हो पाए। जिसके बाद कोर्ट ने जवाब के लिए मोहलत दी।
अब सरकार क्या करेगी
कोर्ट ने वर्षों से एक ही जगह पर जमे स्टाफ को तत्काल प्रभाव से बदलने का आदेश दिया। सरकार कोर्ट के नियम का पालन करते हुए सरकारी बाबुओं की लिस्ट जारी करेगा। जिससे स्टाफ का ट्रांस्फर होगा। सरकार के इस फैसले के बाद बाबू की काम में भी तेजी आएगी और वह अपने काम को लेकर ज्यादा अलर्ट रहेंगे। इससे भ्रष्टाचार कम होगा और आम जनता को होने वाली दिक्कतों में कमी आएगी।
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