
पन्ना। मध्य प्रदेश का पन्ना टाइगर रिजर्व बाघों की बढ़ती हुई संख्या के लिए जाना जाता है। पीटीआर में एक बार फिर नन्हें शावकों की किलकारी गूंजी है। यहां बाघिन पी-141 ने चार शावकों को जन्म दिया है। पहली बार पीटीआर के कोर क्षेत्र में चारों शावकों के साथ बाघिन नजर आई है। जहां पर्यटकों ने इन नन्हें शावकों को अपनी मां के साथ देखा और इसका वीडियो व फोटो साझा किया। इसके बाद प्रबंधन ने इसकी पुष्टि की और इसे बहुत ही सुखद खबर बताया।
बढ़ा बाघों का कुनबा
फील्ड डायरेक्टर अंजना सुचिता तिर्की ने बताया की यह सुखद खबर है। पन्ना टाइगर रिजर्व बाघों के लिए अनुकूल है और बाघों की संख्या 90 के पार पहुंच गई है। वही उन्होंने बताया कि चारो शावक स्वास्थ है जिनकी प्रबंधन के द्वारा सतत निगरानी भी की जा रही है। पन्ना टाइगर रिजर्व बाघों से गुलजार हो रहा है और पर्यटकों को अपनी ओर आकर्षित कर रहा है।
बता दें कि पन्ना टाइगर रिजर्व 2008-09 में बाघ विहीन हो गया था, लेकिन बाद में बाघों की पुनर्स्थापना के लिए कान्हा और पेंच टाइगर रिजर्व से बाघों को यहां लाया गया। उसके बाद से इस रिजर्व में बाघों की संख्या लगातार बढ़ी है।
शावक करीब 4 से 5 महीने के
बाघिन पी-141 के चार शावक करीब 4 से 5 महीने के हैं और यह पहली बार है जब उन्हें पन्ना टाइगर रिजर्व के कोर क्षेत्र में देखा गया। इन शावकों की स्थिति को लेकर प्रबंधन ने बताया कि शावकों की निगरानी लगातार की जा रही है और उनका स्वास्थ्य पूरी तरह से ठीक है।
पन्ना टाइगर रिजर्व में बाघों के दीदार के लिए पर्यटकों की भी संख्या बढ़ी है। यह रिजर्व अब एक प्रमुख पर्यटक स्थल बन गया है, जहां लोग बाघों और अन्य वन्य जीवों को देखने के लिए दूर-दूर से आते हैं।