
पणजी। दूधसागर रेलवे स्टेशन का एक वीडियो सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है। जिसमें कुछ ट्रेकर्स से उठक-बैठक करते नजर आ रहे हैं। दरअसल, रविवार को सैकड़ों की संख्या में पर्यटक गोवा के दूधसागर वाटरफॉल को देखने पहुंचे थे, जिन्हें रेलवे पुलिस ने रोक लिया। दूधसागर रेलवे स्टेशन पर उतरकर पटरियों के किनारे ट्रैकिंग पर्यटकों को वहीं रोक लिया और आगे जाने नहीं दी। इसके बाद पर्यटकों ने ट्रैक जाम कर दिया। जिसमें नाराज होकर रेलवे पुलिस दूधसागर रेलवे ट्रैक के पास कुछ ट्रेकर्स से उठक-बैठक करवाई। जिसके वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं।
पहले ही झरने पर एंट्री कर दी थी बैन
दरअसल, मानसून के चलते ट्रैकिंग में हादसों का खतरा रहता है। इसके चलते गोवा रेलवे पुलिस और फॉरेस्ट डिपार्टमेंट ने कुछ दिनों पहले झरने पर एंट्री बैन कर दी थी। इसके बावजूद भी सैकड़ों की संख्या में पर्यटक वॉटरफॉल देखने पहुंच गए। बताया जा रहा है कि ये लोग दूधसागर स्टेशन से कुछ दूर पहले ही ट्रेन से उतरे थे और ट्रैक के किनारे चल रहे थे। रेलवे नियम तोड़ने की वजह से पुलिस ने उन पर ये एक्शन लिया था।
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— Peoples Samachar (@psamachar1) July 17, 2023
रेलवे ने लोगों से अपील की
इस घटना के बाद साउथ वेस्टर्न रेलवे ने लोगों से अपील की है कि वे रेलवे ट्रैक के किनारे न चलें। रेलवे ने अपने ट्विटर हैंडल पर लिखा, हम आपसे अपील करते हैं कि आप दूधसागर झरने की खूबसूरती का आनंद अपनी ट्रेन के कोच से ही लें। रेलवे ने कहा कि ट्रैक के किनारे चलने से न सिर्फ आपकी सुरक्षा को खतरा होता है, बल्कि यह रेलवे एक्ट के सेक्शन 147 और 159 के तहत अपराध की श्रेणी में आता है। यह ट्रेनों की सुरक्षा के लिए भी खतरा बन सकता है। सभी पैसेंजरों से अनुरोध है कि आपकी सुरक्षा के लिए बनाए गए नियमों का आप पालन करें।
गोवा-कर्नाटक के बॉर्डर पर है दूधसागर वाटरफॉल
बता दें कि दूधसागर वाटरफॉल गोवा और कर्नाटक बॉर्डर पर है, जहां से मंडोवी नदी गुजरती है। मानसून आने पर 15 दिन की बारिश के बाद झरना 310 मीटर (करीब 1017 फीट) की ऊंचाई से बह निकला है। इसकी चौड़ाई करीब 30 मीटर है। दूधसागर पणजी से 60 किमी दूर है। इसे ‘मिल्क ऑफ सी’ भी कहा जाता है। दूध सागर झरने के सामने से रेलवे लाइन गुजरती है। पानी एक हजार फीट की ऊंचाई से गिरने पर ऐसा लगता है, मानो दूध गिर रहा हो। इसी खासियत के चलते लोग इसे दूधसागर के नाम से जानते हैं।