
भोपाल। मध्य प्रदेश में निवेश और निवेशकों को आकर्षित करने के उद्देश्य से आयोजित दो दिवसीय ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट 2025 (जीआईएस) के दौरान राज्य को 30 लाख 77 हजार करोड़ रुपए के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। समापन सत्र में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इसकी जानकारी दी। इस अवसर पर केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह भी उपस्थित थे।
सीएम ने कहा कि आठवें मध्य प्रदेश निवेशक शिखर सम्मेलन का उद्देश्य विनिर्माण, बुनियादी ढांचे, कृषि, नवीकरणीय ऊर्जा, प्रौद्योगिकी और सेवाओं जैसे विभिन्न क्षेत्रों में निवेश को बढ़ावा देना था।
अब तक की सबसे सफल निवेश पहल : सीएम
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जीआईएस के पहले दिन 22 लाख करोड़ रुपए से अधिक के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए थे, जो समापन तक बढ़कर 30.77 लाख करोड़ रुपए हो गए। इनमें हाल ही में संपन्न सात रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव से प्राप्त प्रस्ताव भी शामिल हैं। उन्होंने बताया कि यह राज्य में अब तक की सबसे सफल निवेश पहल रही है। “बाबा महाकाल की नगरी से शुरुआत करते हुए, पिछले एक साल में हमने प्रदेश में निवेश के लिए अनुकूल इकोसिस्टम तैयार किया है,” उन्होंने बताया कि उद्योगपतियों को निवेश के दौरान किसी भी प्रकार की असुविधा न हो, इसके लिए प्रक्रियाओं में कई सुधार किए गए हैं।
मध्य प्रदेश: निवेश का स्वर्णिम अवसर
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने सम्मेलन के समापन सत्र में कहा, मध्य प्रदेश में पर्याप्त जमीन, पानी और प्राकृतिक संसाधन मौजूद हैं। निवेशक-अनुकूल नीतियों और भरपूर बिजली आपूर्ति के साथ यह राज्य निवेश के अवसरों की भूमि बन चुका है। उन्होंने बताया कि दो दिनों में 5,000 से अधिक बिजनेस-टू-बिजनेस (बी2बी) और 600 बिजनेस-टू-गवर्नमेंट (बी2जी) बैठकें आयोजित हुईं, जिससे निवेशकों और सरकार के बीच मजबूत तालमेल बना।
पहला दिन: 4 लाख करोड़ रुपए के निवेश की शुरुआत
सम्मेलन का आगाज सोमवार को हुआ, जिसमें पहले ही दिन 10 से अधिक प्रमुख कंपनियों ने मध्य प्रदेश में करीब 4 लाख करोड़ रुपए के निवेश का वादा किया। इसमें गौतम अदाणी के नेतृत्व वाला अदाणी समूह, मुकेश अंबानी की रिलायंस इंडस्ट्रीज और सार्वजनिक क्षेत्र की बिजली उत्पादक कंपनी एनटीपीसी शामिल रहीं। अदाणी समूह ने पंप भंडारण, सीमेंट, खनन, स्मार्ट-मीटर और तापीय ऊर्जा क्षेत्र में 1.10 लाख करोड़ रुपए से अधिक के निवेश की घोषणा की। वहीं, रिलायंस इंडस्ट्रीज ने राज्य में जैव ईंधन परियोजनाओं के लिए 60,000 करोड़ रुपए के निवेश की प्रतिबद्धता जताई।
नवीकरणीय ऊर्जा में बड़ा दांव
नवीकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में भी मध्य प्रदेश ने मजबूत कदम बढ़ाए हैं। एनटीपीसी-एनजीईएल (एनटीपीसी ग्रीन एनर्जी लिमिटेड) और मध्य प्रदेश पावर जेनरेशन कंपनी लिमिटेड ने राज्य में 20 गीगावाट अक्षय ऊर्जा उत्पादन के लिए एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए। इस परियोजना में करीब 1.20 लाख करोड़ रुपए का निवेश होने का अनुमान है। इसके अलावा, अवादा कंपनी के चेयरमैन विनीत मित्तल ने सौर, पवन, पंप भंडारण, बैटरी भंडारण परियोजनाओं और सौर फोटोवोल्टिक मॉड्यूल विनिर्माण सुविधा के लिए 50,000 करोड़ रुपए के निवेश की योजना की घोषणा की।
ऋण सहायता से मजबूती
सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियों ने भी मध्य प्रदेश की परियोजनाओं को वित्तीय सहायता देने का भरोसा जताया। पावर फाइनेंस कॉरपोरेशन (पीएफसी) ने 26,800 करोड़ रुपए और आरईसी ने 21,000 करोड़ रुपए की ऋण सहायता देने की प्रतिबद्धता जताई। यह राशि राज्य में प्रस्तावित परियोजनाओं को गति देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
निवेशकों को लुभाने की रणनीति
राज्य सरकार ने निवेश को आकर्षित करने के लिए कई ठोस कदम उठाए हैं। इसमें कारोबार सुगमता के लिए एकल खिड़की मंजूरी प्रणाली, विनिर्माण, प्रौद्योगिकी और ऊर्जा क्षेत्रों में सब्सिडी व प्रोत्साहन, औद्योगिक गलियारों और विशेष निवेश क्षेत्रों का विकास शामिल है। इसके अलावा, उद्योगों की जरूरतों को पूरा करने के लिए स्थानीय कार्यबल को कुशल बनाने पर भी जोर दिया जा रहा है।
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