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बांस के बुरादे की गणेश प्रतिमा, इंडोनेशियाई नोट, डाक टिकट पर लंबोदर को किया एग्जीबिट

गणेशोत्सव के अवसर पर बिड़ला संग्रहालय में भगवान गणेश पर एग्जीबिशन शुरू

सनातन धर्म में भगवान गणेश प्रथम पूज्य देवता माने जाते हैं और शनिवार से दस दिवसीय गणेशोत्सव की शुरुआत हो गई है। गणेशोत्सव के इस पावन अवसर पर जीपी बिड़ला संग्रहालय में भगवान गणेश पर आधारित एग्जीबिशन का लगाई गई है, जिसका शुभारंभ शनिवार को गणेश चतुर्थी के मौके पर किया गया। इस एग्जीबिशन में भगवान गणेश के विभिन्न स्वरूपों को प्रदर्शित किया गया। इसमें पेंटिंग, डाक टिकट, काष्ठ (धान, बांस और लकड़ियों), मेहंदी कला, विदेशी नोट, मुद्राओं, माचिसों, घरेलू सामग्रियों, सुपारी, फलों से तैयार की गई भगवान गणेश की विभिन्न आकृतियां और पेंटिंग्स शामिल हैं। एग्जीबिशन बिड़ला संग्रहालय में अनंत चतुर्दशी यानी 17 सितंबर तक संग्रहालयीन समय में देख सकते हैं।

पुराणों में वर्णित 32 स्वरूप किए शामिल

इस एग्जीबिशन में पुराणों में वर्णित भगवान गणेश के 32 स्वरूपों के साथ ही प्रदेश की प्रसिद्ध गणेश प्रतिमाओं में सीहोर के चिंतामन गणेश, जबलपुर के बादशाह हलवाई मंदिर स्थित नृत्य गणेश, मंदसौर के द्विमुखी चिंताहरण गणपति और विदिशा की उदयगिरी गुफा में स्थित भगवान गणेश की प्रतिमाओं के फोटोग्राफ्स को देखा जा सकता है। इसके अलावा पुरातत्विक दृष्टि से महत्वपूर्ण गणेश प्रतिमाओं के फोटोग्राफ्स भी हैं। इसमें डॉ. नारायण व्यास, उमेश गुप्ता, योगेश गुप्ता, अंकिता रस्तोगी, देवेंद्र प्रकाश तिवारी, एचएस खान, धर्मेंद्र रोहर, लखन प्रजापति, जितेंद्र राठौड़, दुर्गा उन्हाले, सुनील भट्ट, विकास दुबे के भगवान गणेश पर विभिन्न संकलनों और प्रतिमाओं को शामिल किया गया। साथ ही प्रेरणा, अंशिका गुप्ता, सोनवी नामदेव, शिवम नामदेव, रोशनी पटेल, पारूल चचाने, मानसी बंसोडे, मीनाक्षी गर्ग, अनीता सिंह, गजेंद्र कुशवाहा, अरूण सक्सेना, हर्षिता यदुवंशी, प्रिया मौर्य और शशिकांत लिमये के संकलन भी एग्जीबिशन में प्रदर्शित किए गए।

बांस, धान और धागे से सजाई प्रतिमा

आर्टिस्ट धर्मेंद्र रोहर ने बांस के बुरादे से भगवान गणेश की प्रतिमा तैयार की है। इस प्रतिमा को उन्होंने बांस, धान और धागे से सजाया। धर्मेंद्र बताते हैं कि उन्होंने प्रतिमा के दो ही हाथ रखे हैं। एक हाथ से भगवान गणेश आशीर्वाद दे रहे हैं तो दूसरे में लड्डू हैं। इस लड्डू को उन्होंने धान से ही बनाया है। वहीं, गले में मालाएं पहने हुए हैं, जो कि धान और धागे से तैयार की है। इसके अलावा भगवान गणेश के नाखून बांस से तैयार किए हैं और उनके वाहन मूषक को भी बांस के बुरादे से बनाया गया है।

एक चश्म शैली में बनाई पेंटिंग

आर्टिस्ट ट्रिंकल सक्सेना द्वारा एक चश्म शैली में बनाई गई भगवान गणेश की पेंटिंग इस एग्जीबिशन में लगाई गई है। इस पेंटिंग में भगवान गणेश का आधा चेहरा नजर आ रहा है, जिसमें भगवान की सूंड के अलावा एक आंख और एक दांत दिखाई दे रहा है। वे सिर पर मुकुट और गले में हार पहने हुए हैं।

विदेशी नोट, मुद्राओं पर भगवान गणेश

एग्जीबिशन में भगवान गणेश की आकृति वाले विदेशी नोट, मुद्राओं, डाक टिकट भी प्रदर्शित किए गए हैं। इनमें इंडोनेशिया के नोट पर भगवान गणेश की आकृति नजर आ रही है। ऐसी मुद्राएं भी शामिल की गई हैं, जिन पर भगवान गणेश की आकृति हैं।

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