उज्जैन। भाद्रपद महीने के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी को गणेश चतुर्थी मनाते हैं। प्रथम आराध्य श्रीगणेश की पूजा करने और उन्हें प्रसन्न करने का पर्व इस साल अंग्रेजी कैलेंडर के हिसाब से 10 सितंबर से शुरू हो रहा है। इस दिन से शुरू होकर यह पर्व 19 सितंबर तक चलेगा। सुख, शांति और सौभाग्य देने वाले भगवान गणेश को प्रसन्न करने के यह दस दिन बहुत खास होते हैं। गणेश चतुर्थी पूजन का शुभ मुहर्त दोपहर 12:17 बजे शुरू होकर और रात 10 बजे तक रहेगा।
जानें क्या करें पूजा के लिए…
इस दिन लाल या पीले रंग के कपड़े पहनने चाहिए।
काले और नीले रंग के कपड़े पहनने से बचें।
गणेश चतुर्थी के दिन चंद्रमा के दर्शन नहीं करने चाहिए।
गणेश जी को पूजन करते समय दूब और बूंदी के लड्डू का भोग लगाएं।
गणपति जी को तुलसी के पत्ते नहीं चढ़ाने चाहिए।
कैसे करें पूजा
गणेश चतुर्थी की सुबह स्नान कर गणपति के व्रत का संकल्प लें। दोपहर को शुभ मुहूर्त में गणेशजी की मूर्ति या फोटो लाल कपड़े के ऊपर रखें। गंगाजल छिड़कें, भगवान का आह्वान करें। फूल, सिंदूर, जनेऊ और दूर्वा चढ़ाएं। मोदक चढ़ाएं, गणेशजी के मंत्रों का जाप करें और अंत में आरती करें।